भोपाल। जेल में बंद खूंखार सिमी आतंकी जेलकर्मचारियों पर खीज निकालने का कोई मौका नहीं चूकते। वह जेल से बाहर प्रचारित करने का भी प्रयास करते हैं कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। सिमी की अत्यंत सुरक्षा वाली बैरकों में बंद एक सिमी आतंकी द्वारा कथित रूप से खुदकुशी करने की कोशिश सामने आई है।
इस मामले में जेल के अफसरों का कहना है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। एक आरोपी ने तोलिया को गले में डालकर फांसी लगाने जैसा उपक्रम किया था। जिन बैरकों में उन्हें रखा है,उसमें फांसी लगाने का प्रयास करना भी संभव नहीं है। सिमी मामले के आरोपी खैरियत पूछने पर भी कुछ नहीं बताते हैं। जेल के कर्मचारियों को घूरते हैं और उनसे गाली गलौज तक करते हैं।
यहां तक कि पेशी के दिन उन्हें बैरक से जेल स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिग हॉल तक लाने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ता है। इस दौरान वे झूमाझटकी करते हैं। जिस बैरक में खुदकुशी की कोशिश करने की बात सामने आई है,जेल प्रशासन ने उससे संबंधित साक्ष्य जुटाए हैं। जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे का कहना है कि किसी सिमी आतंकी द्वारा खुदकुशी करने की कोशिश नहीं की गई। घटना के समय के साक्ष्य जुटा लिए हैं। इस संबंध में समयसमय पर उन्हें आतंकियों की सुरक्षा के मामले में अदालत से निर्देश भी मिलते रहते हैं।
