कोरोना पीडित अधिवक्ता को 25 हजार रूपये की सहायता दी जायेंगी राज्य शासन ने नही राज्य अधिवक्ता परिषद ने स्वीकृत की 5 करोड़ की राशि
@ सादिया बाज़ खान स्टेट हेड मप्र।
इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंन्त्री शिवराज सिंह चौहान इस कोरोना काल में हर वर्ग को ठगते नज़र आ रहे हैं।जहाँ लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के प्रहरियों अर्थात पत्रकारों के साथ कुठाराघात करने वाली सरकार के सारे दावे फ़ैल नज़र आरहे हैं ।पत्रकारों और उनके परिवारों को उपचार ( कोरोना संक्रमण) निशुल्क की घोषणा सिर्फ कोरी साबित हो गई।वहीँ अब प्रदेश के वकीलों के साथ भी सरकार द्वारा कुठाराघात सांमने आया है।
गौरतलब हो कि सम्पूर्ण प्रदेश भर में पिछले एक डेढ़ वर्ष से अधिक समय से बंद न्यायलयीन कार्य के कारण आर्थिक संकट से जूझता अधिवक्ता समाज अब तक अपने बीच से अपने कई अधिवक्ता खो चुका है। शासन की घोषणाएं केवल हवाई साबित हो रही है। जिसका जीता जागता प्रमाण गत दिनों मध्यप्रदेश स्टेट बार कौंसिल की घोषणा से मिला।
हाजी मुईन खान जनसंपर्क अधिकारी(9425359616) द्वारा दी गई जानकारी अनुसार म.प्र. में कोरोना महामारी का संक्रमण व्यापक रूप से तेजी से फैला हुआ है, और इससे विधि जगत भी बुरी तरह से चपेट में हैं। म.प्र. के किसी भी जिले/तहसील में कोरोना से संक्रमित हुये अधिवक्ता को 25 हजार रूपये की सहायता राशि म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद की ओर से प्रदत्त की जायेगी, इस हेतु म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद ने स्वयं के खाते से 5 करोड रूपये उपलब्ध कराये है यह 5 करोड़ की राशि राज्य शासन ने नहीं दी है बल्कि मात्र राशि की स्वीकृति प्रदान की है।
एक पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुये म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद के उपाध्यक्ष श्री आर.के. सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश के अधिवक्ताओं के कोरोना संक्रमित होने पर म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद चिंतित है और परिषद ने म.प्र. अधिवक्ता सहायता योजना 2021 बनाई हैं जिसके तहत कोई भी अधिवक्ता कोरोना से संक्रमित होता है तो उसे आवेदन करने पर 25 हजार रूपये की सहायता राशि परिषद की ओर से प्रदत्त की जाने हेतु दिनांक 20 अप्रैल 2021 को योजना अनुमोदित कर स्वीकृति हेतु विधि विभाग भेजी थी।
इस हेतु परिषद के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार चौधरी तथा कोषाध्यक्ष श्रीमती रश्मि ऋतु जैने ने गत दिनो भोपाल में ब्यासी समिति के अध्यक्ष डॉ. नरोत्तम मिश्रा व प्रमुख सचिव वित्त विभाग व विधि विभाग से बैठक कर राज्य अधिवक्ता परिषद के खाते से 5 करोड रूपये आहरण करने की स्वीकृति ले ली है, तदोपरांत उक्त योजना प्रभावशील हो गई है, और जो भी प्रदेश के अधिवक्ता 1 अप्रैल 2021 के बाद कोरोना से संक्रमित हुये है उन्हें आवेदन करने पर परिषद की ओर से 25 हजार रूपये की सहायता राशि प्रदत्त की जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में मुख्यमंत्री ने घोषण की थी की अधिवक्ता के परिजनो को मृत्यु दावा राशि 5 लाख दी जायेगी ढाई लाख शासन से और ढाई लाख परिषद से परिषद तो ढाई लाख देने लगा किन्तु शासन मात्र एक लाख रुपये ही मृ.दा.रा. दे रहा है। इसी तरह गंभीर बीमारी से ग्रस्त अधिवक्ताओं को चिकित्सा आर्थिक सहायता भी 5 लाख देने की घोषणा की गई थी किन्तु मात्र एक लाख ही दिये जा रहे हैं, घोषणा अनुसार राशि दिये जाने के लिये भी परिषद संघर्षशील है। पत्रकार वार्ता में म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद के को-चेयरमेन श्री मनीष तिवारी व श्री शैलेन्द्र वर्मा, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष श्री अहादुल्ला उसमानी, सचिव श्री प्रशांत दुबे उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव एवं मप्र वक़्फ़ ट्रिब्यूनल सेल के अध्यक्ष नौमान अहमद खान ने कोरोना से संक्रमित हुये अधिवक्ता को 25 हजार रूपये की सहायता राशि म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद की ओर से प्रदत्त की जाने की घोषणा का स्वागत किया।
राजस्व अधिवक्ता कल्याण परिषद मप्र के प्रदेश अध्यक्ष एवं मप्र कॉंग्रेस कमेटी विधि एवं मानव अधिकार विभाग के प्रदेश प्रवक्ता सैयद ख़ालिद क़ैस ने कोरोना काल में दिवंगत हुए तमाम अधिवक्ताओं को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए स्टेट बार कौंसिल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश की शिवराज सरकार की विफलता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश का स्वस्थ्य मंत्री इस कोरोना काल में अपने दायित्व निर्वहन से भाग रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता किसी से छिपी नही।ऑक्सीजन की कमी से मरते लोग ,जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडीसीवीर की कलाबाज़ारी और जमा खोरी खुलकर सामने आ रही है।ऐसे में प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए स्टेट बार कौंसिल का प्रयास संजीवनी का काम करेगा।
