श्री उस्मान द्वारा उपलब्ध करायी गई सूचना के अनुसार इन अधिकारियों में ज0सू0अ0, जिलाधिकारी, सहारनपुर, तहसीलदार तहसील ऊन, शामली, जिला निर्वाचन अधिकारी, शामली, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुजफ्फरनगर, जिला गन्ना अधिकारी, मुजफ्फरनगर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुजफ्फरनगर, जिला समाज कल्याण अधिकारी, शामली, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद, सम्भल, जिला पूर्ति अधिकारी सदर थाना रोड़, सहारनपुर, खाद्य आपूर्ति अधिकारी देवबन्द, सहारनपुर, खण्ड विकास अधिकारी नजीबाबाद, बिजनौर, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत थाना भवन, शामली एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुजफ्फरनगर पर 25-25 हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
जिन अधिकारियों ने वादी को सूचना देने में विलम्ब किया है, और जानबूझकर वादी को परेशान किया है, जिसकी वहज से उसका मानसिक उत्पीड़न हुआ है, ऐसे अधिकारियों को आदेश दिया कि वादी को बतौर क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराये। इनमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सम्भल 5,000 रू0, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद चान्दपुर, बिजनौर 3,000 रू0, जिला विद्यालय निरीक्षक, शामली 3,000 रू0, खण्ड विकास अधिकारी, विकास खण्ड स्वार, रामपुर 3,000 रू0, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुजफ्फरनगर 5,000 रू0 एवं अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत वितरण मण्डल, शामली को 5,000 रू0 क्षतिपूर्ति के रूप में वादी को देने का आदेश दिया।
मप्र का राज्य सूचना आयोग सफेद हाथी –
आरटीआई एक्टिविस्ट कौंसिल ऑफ़ इँडिया की राष्ट्रीय महासचिव सरोज जोशी ने मप्र राज्य सूचना आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुये कहा कि मप्र को उत्तर प्रदेश आयोग से शिक्षा लेनी चाहिये । मप्र मे देखा गया है कि आयोग प्रशासनिक अधिकारियो को बचाने वाला एक सफेद हाथी बन गया है जो अनुपयोगी है ।
