बिलासपुर। गन का लाइसेंस चाहिए तो आवेदक को मानसिक व शारीरिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र तो देना ही होगा,इसके अलावा यह बताना भी होगा कि अब तक कितने जंगली जानवरों व मवेशियों को मारा है। गन चलाने का प्रमाण पत्र भी पेश करना होगा। इतनी औपचारिकता पूरी करने के बाद ही आवेदन पर विचार किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने गन लाइसेंस के लिए नियम व शर्त को और कड़ा कर दिया है। आवेदनकर्ताओं को दो और महत्वपूर्ण को इसमें जोड़ दिया गया है। संबंधित पुलिस थाने में तो इसका सत्यापन कराना ही होगा इसके अलावा मनोरोग चिकित्सक से भी इस बात का प्रमाण पत्र लाना है कि आवेदनकर्ता की मानसिक स्थिति एकदम ठीक है। केंद्र के निर्देश पर गौर करें तो अब आधार कार्ड को भी जरूरी कर दिया है। आधार कार्ड न होने की स्थिति में पासपोर्ट,मतदाता पहचान पत्र या पेन कार्ड जमा करना होगा। इन सबूतों को शपथ पत्र के साथ पेश करना है। शर्तों में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि यह सब न होने की स्थिति में बिजली बिल शामिल करना होगा। केंद्र सरकार द्वारा प्रमाणित आयुध प्रशिक्षण केंद्र से गन चलाने का लाइसेंस पेश करना होगा। गन के साथ दिए जाने वाले बुलेट को सुरक्षित रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर ही उपयोग करने के संबंध में आवेदकर्ता को लिखित में इसकी जानकारी देनी होगी ।
कड़े नियमों ने बढ़ाई परेशानी
केंद्र सरकार के कड़े नियमों के चलते गन लेने के इच्छुक आवेदनकर्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। यही कारण है कि कलेक्टोरेट में बीते 6 महीने के दौरान एक भी आवेदन जमा नहीं हुए हैं।
गन लाइसेंस के लिए केंद्र सरकार ने नियमों में बदलाव कर दिया है। इसी के आधार पर आवेदनकर्ताओं को आवेदन जमा करना होगा।
केडी कुंजाम-अतिरिक्त कलेक्टर
