टीकमगढ़:- मध्यप्रदेश को शर्मसार कर देने वाली घटना घटना ने बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में कितना भ्रष्टाचार है उसकी पोल खोली है मध्यप्रदेश में किसकी सरकार है कौन सरकार आ रही है कौन सरकार जा रही है इससे जिले के आला अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ता कई सरकारें आई और गई लेकिन इनका गोरखधंधा बराबर फल-फूल रहा है बिना भ्रष्टाचार किये इन्हें नींद नही आती बिना रिश्वत खाये कोई काम नहीं करते हैं यह ताजा उदाहरण बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले की खरगापुर तहसील से देखा जा रहा है मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और खरगापुर विधानसभा से क्षेत्र की जनता द्वारा श्री राहुल सिंह लोधी भैया जी को यहां से विधायक बना है अब भैया जी विधायक जो ठहरे अब यह सुनते किसकी है बड़ा सवाल तो उठता है कि जिस जनता ने अपनी सुरक्षा एवं अपना विकास के लिए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए युवा विधायक को चुना है बदकिस्मती रही खरगापुर विधानसभा की जहां भैया जी के विधायक होते हुए भी अधिकारी किसानों से लूट मचाई हुए लगातार आला अधिकारी किसानों को परेशान कर रहे और जनता के जनप्रतिनिधि अपनी रोटियां सेकने में लगे हैं अजीब किस्से हैं सरकार कांग्रेस की है जनता ने विधायक भाजापा का जो बना दिया अब विधायक जी चहेतो की सुनने में लगे हुए हैं और किसान अपने दुर्भाग्य पर आंसू बहा रहा है आला अधिकारियों को रिश्वत में ₹50000 की रिश्वत ली जा रही है फिर भी अधिकारियों का पेट नहीं भर रहा है तो किसान ने अपनी दुधारू भैंस तहसीलदार महोदय की गाड़ी से बांधी ऐसा नजारा पहली बार देखा गया जो मध्यप्रदेश को शर्मसार कर रहा है जिले के खरगापुर तहसील में भ्रष्टाचार का विरोध करने का एक अनोखा मामला सामने आया है. जहां तहसीलदार द्वारा मांगी गई रिश्वत की राशि चुकाने में असर्मथ किसान ने अपनी दुधारू भैंस को तहसीलदार की गाड़ी से बांध दिया।
किसान का अनोखा विरोध
यह नाजारा देख हर कोई अचंभित हो गया. वहीं मामले की जानकारी लगते है पुलिस बल और एसडीएम वंदना सिंह राजपूत मौके पर पहुंची. जहां किसानों को समझाइश देने के बाद मामला शांत कराया गया और जांच करने का आश्वसन दिया गया. मामला खरगापुर तहसील का है, जहां किसान लक्ष्मी यादव ने तहसीलदार सुनील वर्मा पर 50 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. किसान का कहना है कि उसने 2 जगहों पर जमीन ली थी. दोनों जमीनों का बटवारा और नामान्तरण होना था. जिसके एवज में तहसीलदार सुनील ने पहले 50 हजार रुपया की रिश्वत मांगी थी. लेकिन पैसे देने के बाद भी उन्होने जमीन का नामान्तरण नहीं किया.
इसके बाद तहसीलदार ने किसान से और 50 हजार रुपयों की मांग की. जिससे तंग आकर किसान ने अपनी दुधारू भैंस को तहसीलदार की गाड़ी से बांध दिया और तहसील कार्यलय में चिल्लाकर कहने लगा की मेरे पास रिश्वत देने के लिए और पैसे नहीं. जिसके बाद कार्यलय में हंगामा मच गया. वहीं मामले की जानकारी लगते ही बल्देवगढ़ एसडीएम वंदना राजपूत और पुलिस बल मौके पर पहुंची. जहां किसानों को समझाइश देकर मामला शांत कराया और रिश्वत की मांग करने वाले तहसीलदार की शिकायत कलेक्टर से करने की बात की है एस डीएम ने जाँच में नायब तहसीलदार को दोषी पाया। एवं तहसीलदार खरगापुर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाना प्रस्तावित किया जाना था। वल्देवगढ एसडीएम के प्रतिवेदन से सहमत होते हुए कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने सुनील वर्मा नायब तहसीलदार एवं प्रभावी तहसीलदार खरगापुर को तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश सिविल सेवा से निलंबित कर दिया ।
टीकमगढ़ से शिवेन्द्र मिश्रा
