मुम्बई : चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में पालघर लोकसभा सीट पर शिवसेना उम्मीदवार की हार के लिये ईवीएम में गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराने के आरोपों को खारिज कर दिया. वहीं अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भंडारा-गोंदिया लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार के लिए इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि इसके लिए सूखा भी जिम्मेदार है.
फड़णवीस ने कहा, ‘ज्यादातर भाजपा मतदाता शिक्षित मतदाता हैं जो सुबह में ही मतदान केंद्र पर चले जाते हैं. उनमें से कई (इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी के चलते) वोट नहीं डाल पाए. उन्हें वापस जाना पड़ा और दिन में बाद में वे (मतदान केंद्र पर) नहीं लौटे.’ मुख्यमंत्री ने यहां बीजेपी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘अतएव बीजेपी को ईवीएम में गड़बड़ी का खामियाजा उठाना पड़ा.’ उन्होंने दावा किया, ‘भंडारा-गोदिंया क्षेत्र में पिछले चार-पांच सालों की तुलना में इस बार भीषण सूखा रहा, जिससे सूखे के कारण अपनी फसल का नुकसान उठा चुके किसानों में सरकार चुनाव आयोग की आपत्ति के चलते वित्तीय राहत नहीं बांट पाई. यदि चुनाव मानसून में होता तो भाजपा अवश्य ही चुनाव जीतती.’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम 2019 में भंडारा-गोदिंया सीट से जीतेंगे.’ बीजेपी और उसके सहयोगी दल शिवसेना के बीच कटु प्रचार अभियान के विषय पर उन्होंने कहा कि इसे टाला जा सकता था.
महाराष्ट्र की भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट पर हुये उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार कुकडे मधुकरराव यशवंतराव चुनाव जीतने में कामयाब रहे. मधुकरराव ने बीजेपी के उम्मीदवार हेमंत पाटले को 48097 वोटों से हराया. राव को 442213 और पाटले को 394116 वोट मिले. उल्लेखनीय है कि 2014 के आम चुनाव में भाजपा के नाना पटोले इस सीट से विजयी हुए थे. पाटोले द्वारा बीजेपी छोड़कर लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया गया.
