भोपाल –पवित्र नगरी अमरकंटक में आज गरिमामय एवं भव्यता के साथ एकात्म यात्रा का शुभारंभ हुआ। अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री संजय सत्येन्द्र पाठक ने इस अवसर पर आदिगुरू शंकराचार्य का पादुका पूजन किया। पूरे नगर में कलश यात्रा निकाली गई जो नर्मदा मंदिर से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। कार्यक्रम में संतों का सम्मान एवं कन्याओं का पूजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विदर्भ से आए श्री रामानन्दचार्य ने कहा कि सनातन धर्म का बीज नर्मदान्चल में बोया गया था। आदिगुरू शंकराचार्य ने वेदों को ध्वनि दी, उपनिषदों को बोल दिये तथा संस्कृति के बीज पूरे देश में बोये। इससे अखण्ड भारत का निर्माण हुआ। पूना से आये 88 वर्षीय संत श्री वसंत गाडगिल ने कहा कि मानवता का प्रथम संदेश आदिगुरू शंकराचार्य ने दिया। बंगलौर से आये श्री शिवात्मानन्द सरस्वती जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एकात्म यात्रा का संदेश पूरे विश्व में जायेगा। स्वामी शुकदेवानन्द ने कहा कि एक विचार, एक मत ही एकात्मवाद है जिसे प्रदेश सरकार ने पूरा कर दिखाया है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने कहा कि मानवतावाद का सिद्धांत सार्वभौमिक सत्य का पक्षधर है। सरकार की नीतियों एवं योजनाओं में इसकी झलक स्वत: देखी जा सकती है। प्रदेश सरकार ने समय-समय पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से प्रदेश की जनता को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया है। यात्रा के राज्य संमन्वयक डॉ. जितेन्द्र जामदार ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में साध्वी प्रज्ञा भारती, विधायक श्री रामलाल रौतेल, श्री फुंदेलाल सिंह और बड़ी संख्या में संत समाज एवं अन्य जन-प्रतिनिधि और श्रद्धालुगण मौजूद थे।
नर्मदाष्ठक मंत्र ने श्रद्धालुओं का मन मोहा
एकात्म यात्रा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं एवं धर्मावलम्बियों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। कार्यक्रम के प्रारंभ में उज्जैन से आये शर्मा बंधुओं की भक्ति संगीत की प्रस्तुति तथा भोपाल से आये ध्रुवा बैण्ड दल की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। नर्मदा मंदिर के 21 पुजारियों द्वारा प्रस्तुत नर्मदाष्ठक मंत्र ने श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
