भोपाल : संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा ने कहा है कि भारतीय संस्कृति को सृजित करने में युवा वर्ग की अहम-भूमिका है। विभिन्न स्थानों से आये कलाकारों ने एक ही स्थान पर छात्र-छात्राओं को कलाकृतियाँ बनाने का काम सिखाया जा रहा है। यह प्रशंसनीय प्रयास है। राज्य मंत्री श्री पटवा आज गौहर महल भोपाल में जनजाति संग्रहालय एवं सेतु इण्डिया द्वारा आयोजित छह दिवसीय सांस्कृतिक कॉर्निवाल का शुभारंभ कर रहे थे।
राज्य मंत्री श्री पटवा एवं कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि पूर्व महापौर श्रीमती कृष्णा गौर ने प्रदर्शनी में लगे स्टॉल का अवलोकन कर प्रदर्शित कलाकृतियों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राजधानी भोपाल में पहली मर्तबा पेपर क्रॉफ्ट, जूट क्रॉफ्ट, भील आर्ट, गोंड आर्ट, टेराकोटा आर्ट, ब्लॉक प्रिंटिंग, मांडना आर्ट और वुड कार्विंग की लगने वाली इस प्रदर्शनी के दौरान युवा वर्ग को कला का उपयुक्त मंच देने का प्रयास सफलीभूत होगा। राज्य मंत्री श्री पटवा ने कलाकारों की इन बेजोड़ कलाकृतियों को राजधानी के बाहर जिला-स्तर पर भी प्रदर्शित किया जाना चाहिये।
सेतु इण्डिया की संस्थापक सदस्य सुश्री तनुश्री पटवा, सुश्री श्वेता ओझा एवं सुश्री पलक भण्डारी ने बताया कि सांस्कृतिक कॉर्निवाल में प्रदर्शनी, किस्सागोई, सामूहिक चर्चाएँ, कार्यशाला, फूड जोन सहित बहुत कुछ एक ही छत के नीचे 6 दिन तक चलेगी। पहले दो दिन में फोटोग्राफी प्रतियोगिता और हेरिटेज वॉक के लिये सुप्रसिद्ध कलाकार श्री सिकंदर मलिक विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में पहले दिन भोपाल सहित कई स्थानों से आये छात्र-छात्राओं और युवा वर्ग ने बड़ी संख्या में अपना पंजीयन कराया है। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री सुंदरलाल पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूलकुंवर बाई भी मौजूद थीं।
