भोपाल। राजधानी के शाहजहांनाबाद इलाके से सामने आए एक ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले को सुलझाने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। पुलिस ने 28 साल की मां और तीन साल की बेटी को खोज निकाला है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने महिला को राजगढ़ जिला और उसकी बेटी को विदिशा जिले में कुल दो लाख रुपए में बेच दिया था।
मिली जानकारी के मुताबिक मंदर इंडिया कालोनी में रहने वाली 28 वर्षीय महिला अपनी 3 साल की बच्ची के साथ लापता हो गई थी। काफी दिनों से कॉन्टेक्ट न हो पाने पर पीड़िता की बड़ी बहन उसके घर जा पहुंची, जहां पहुंचकर पता चला कि वह दो महीने पहली ही घर छोड़ कर जा चुकी है। बता दें बीती 14 अक्टूबर को महिला की बड़ी बहन ने शाहजहांनाबाद थाने में पीड़िता की गूमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस प्रकार पुलिस कार्रवाई कर खोजा गया महिला को
पुलिस के पास केवल फूल बेचने वाले रंजीत का नाम ही था। इस आधार पर पुलिस ने शाहजहांनाबाद, तलैया, मंगलवारा और कोहेफिजा में फूल बेचने वालों के 26 ठिकानों पर पूछताछ की, लेकिन रंजीत नहीं मिला। किसी ने बताया कि वह रंजीत नहीं, गुड्डू है। वह काली मंदिर के पास फूल बेचता है। गुड्डू को हिरासत में लिया गया। गुड्डू ने बताया कि पीर गेट निवासी शानू महिला को लेकर आया था। महिला काम मांगने आई थी। उसने उसे डेढ़ लाख में राजगढ़ के माटनीपुरा निवासी 50 वर्षीय सुमेर गुर्जर को बेच दिया था। सुमेर ने बच्ची को रखने से मना कर दिया था। इसलिए उन्होंने विदिशा निवासी गंगाराम को 50 हजार रुपए में बच्ची दे दी थी। बाद में पुलिस ने रंजीत की निशानदेही पर माटनीपुरा में 5 जगहों पर दबिश दी। अंतत: जंगल के बीच एक मकान में महिला बंधक मिली। हालांकि सुमेर और उसका पिता भाग गया। वह उससे दिन में मजदूरी करवाता था और रात में ज्यादती करता था। वहीं एक टीम ने विदिशा में पांच अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर बच्ची को एक मंदिर के बाहर गंगाराम से बरामद कर लिया।
महिला ने सुनाई अपनी आपबीती
महिला ने बताया कि वह खंडवा की रहने वाली है और 12 साल पहले उसकी शादी हो गई थी। पति को शराब और नशे की आदत थी, इस वजह से वह अपनी बच्ची के साथ अलग रहती थी शाहजहांनाबाद में रहकर छोटा-मोटा काम कर बेटी को पाल रही थी। महिला ने आगे बताया कि शानू ने कहा कि 50-60 रुपए में क्या होता है। मेरे साथ राजगढ़ चलो। 500 रुपए दिन का दिलवा दूंगा। आरोपी शानू मुझे और बेटी को रंजीत के साथ 14 अगस्त को माटनीपुरा लाया। सुमेर से मेरी जबरदस्ती शादी करवा दी। मैंने ऐसा करने से मना कर दिया तो उन्होंने कहा कि तुम्हारी बेटी हमारे पास है, मार देंगे। उसके बाद वह बेटी ले गए। सुमेर घर में बंद करके मारता था। मजदूरी करवाता था और रात को ज्यादती करता था। उस नर्क में मैं उनका जुल्म सिर्फ अपनी बेटी को जिंदा देखने के लिए सहती रही। महिला ने कहा कि कैसे लोग होते थे जो इंसानों को भी बेच देते हैं। इस मामले में पुलिस ने रंजित ओर गंगाराम को गिरफ्तार कर पुछताछ कर रही है । वही पीड़ित महिला और बच्ची को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस फरार शानू सूमेर व अन्य साथियों की तलाश कर रही है।
