भोपाल। पिछले 14 सालों से मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है। तीन बार सत्ता का सुख भोग चुकी भाजपा अब चौथी बार भी सत्ता में आने के लिए बहुत ही ज्यादा आतुर दिखाई दे रही है। मध्यप्रदेश के साथ साथ केंद्र में भाजपा की सरकार होने से अब भाजपा नेताओं में अहंकार सिर चढकर बोलने लगा है। गांव, गरीब और किसान के दम पर चौथी बार सरकार बनाने का दावा करने वाली भाजपा के छोटे ही नहीं बडे नेताओं में अहंकार इस कदर हावी हो चुका है कि वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के खिलाफ सरेआम बयानबाजी करने लगे है।
भोपाल के भेल दशहरा मैदान में शुक्रवार को भाजपा की विस्तारित बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से भाजपा संगठन के पदाधिकारी आए हुए थे।
बैठक में शामिल होने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी भोपाल आए।
इस दौरान अपने भाषण के दौरान भाजपा नेताओं के सुर और स्वर कुछ ज्यादा ही उंचे नजर आए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां एक और अपनी सरकार की योजनाएं गिनाने में लगे रहे तो केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने भाषण के दौरान कार्यकर्ताओं को मीडिया की बातों में न आने की सलाह दे डाली। भाषण के दौरान तोमर का दंभ इस कदर हावी नजर आ रहा था कि चौथी बार सरकार में आते ही वह मीडिया को कुचल देंगे।
राजनीति में विपक्षी पार्टी से लेकर उसके तमाम नेताओं के खिलाफ बयानबाजी करना आम बात है। बीजेपी साल 2018 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का परचम लहराना चाहती है। इसके लिए भाजपा नेता तमाम हथकंडे अपनाने पर अपना काम शुरू कर दिया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी इस बार पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में है। ऐसे में भाजपा नेताओं को खीज आना स्वाभाविक है। इस बार कांग्रेस की कमान दिग्गज नेता कमलनाथ के हाथों में है। इसी कारण से तोमर ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस नेताओं और मीडिया की बातों में न आए।
स्वाभाविक है कि भाजपा को इस बार अपनी जीत की डगर काफी मुश्किल नजर आ रही है। निष्पक्ष नजर रखने वाले मीडिया पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की यह खीझ उनके अंर्तमन की पीडा होगी, जो शुक्रवार को इस मंच के माध्यम से बाहर आई।
कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस की कमान मिलने के बाद से भाजपा खेमे में घबराहट पैदा हो गई हैं। इसी के चलते गुरूवार आधी रात को चले सियासी नाटक के बाद निर्दलीय विधायक दिनेश राय मुनमुन को भाजपा ने अपने पाले में कर कांग्रेस को झटका देने की कोशिश की है।
अपने भाषण के दौरान कांग्रेस की विचारधारा से लेकर उसकी नीति को कोसते नजर आए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को अब अंदाजा होने लगा कि पिछले 14 साल से सत्ता में सुख भोग रहे भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं की काफी उपेक्षा की है। कार्यकर्ताओं के काम न होने से उनमें काफी नाराजगी है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को साधने के लिए तोमर ने कांग्रेस और मीडिया पर निशाना साधते हुए कार्यकर्ताओं को दुलार करने की कोशिश की है।
सात माह बाद होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने अपना चुनावी मैनेजमेंट जमाना शुरू कर दिया है, लेकिन जमीनी धरातल पर उसे केवल कार्यकर्ता ही उतारता है। ऐसे में अब बीजेपी के आला नेता भीतरघात के भय से बचने के लिए कार्यकर्ताओं के मन को टटोलने में लग गए है।( साभार )
