जोधपुर सेंट्रल जेल में बनी एससी/एसटी विशेष अदालत नाबालिग से बलात्कार के मामले में आसाराम के खिलाफ बुधवार को अपना फैसला सुनाया जएगा।जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर बनी विशेष कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा अपना अहम फैसला सुनाएंगे और वह जेल पहुंच चुके हैं। सुरक्षा के मद्देनजर जोधपुर सेंट्रल जेल समेत पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है और निषेधाज्ञा लागू की गई है. अगर आसाराम को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें कम से कम दस साल और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.
राम रहीम पर फैसले के बाद पंचकूला में हुई हिंसा को ध्यान में रखते हुए केन्द्र ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा सरकारों से सुरक्षा बढ़ाने और अतिरिक्त बल तैनात करने को कहा है।इसके चलते जहां जेल की ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, वहीं दो स्टेडियम को अस्थाई जेल के तौर पर तैयार किया गया है।
राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक निचली अदालत मामले के सिलसिले में जोधपुर सेन्ट्रल जेल परिसर में अपना फैसला सुनाएगी, जहां आसाराम बीते चार साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं. डीजीआई (जेल) विक्रम सिंह ने बताया, ‘हमने फैसला सुनाये जाने के दिन के लिए सभी प्रबंध किए हैं. जेल परिसर में अदालत कक्ष में अदालत के कर्मचारियों सहित मजिस्ट्रेट, आसाराम और सह आरोपी, बचाव एवं अभियोजन पक्ष के वकील मौजूद रहेंगे।
आसाराम पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की एक नाबालिग से बलात्कार करने का आरोप है. यह लड़की मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी. आसाराम से इन आरोपों से इंकार किया है. पीड़िता का आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के निकट मनई आश्रम में उसे बुलाया था और 15 अगस्त 2013 को उसके साथ दुष्कर्म किया था.
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार (24 अप्रैल) को बताया कि आसाराम द्वारा एक किशोरी से कथित रूप से बलात्कार के मामले में 25 अप्रैल को जोधपुर की एक अदालत द्वारा फैसला सुनाये जाने के मद्देनजर पुलिस को हाई अलर्ट पर किया गया है.
