सीएम शिवराज उनके चहेते मंत्री रामपाल को गढ़ और घर में मिली पहली चुनौती
– यह पहला वाक्या है, जब मध्य प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को किसी कार्यक्रम में अपना भाषण अधूरा छोड़ कर जनता के विरोध के कारण भागना पड़ा हो। मुझे लगता है कि यह शुरुआत हो गई है। इसके पीछे मुख्य कारण यह भी है कि उनके चहेते मंत्रियों ने हर वह काम किया है जो नेता नहीं बल्कि अपराधी करता है।
दरअसल शिवराज सिंह चौहान ,केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह (अपनी बहू प्रीति की आत्महत्या के मामले में सन्देही )रायसेन के उदयपुरा में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जैसे ही बोलना शुरू किया, वहां मौजूद महिलाओं ने शिवराज सिंह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी । शिवराज हाय-हाय के नारों के बीच मुख्यमंत्री को अपना भाषण बीच में ही छोड़ना पड़ा। और वहां से भाग निकले आपको मालूम होगा उदयपुरा पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह का विधानसभा क्षेत्र है। अटल जी शिवराज सिंह और अब सुषमा स्वराज का संसदीय इलाका है । अगर इस तरह घर में शिवराज सिंह और भाजपा को चुनौती मिल रही है तो समझिए , हालात ठीक नहीं है। इस दौरान एक और बात का खुलासा हुआ ,कार्यक्रम में भीड़ बढाने के लिए भोपाल होशंगाबाद और सीहोर से भी लोगों को ले जाया गया था ,दरअसल जो मिनी बसें लोगों को लेकर इस कार्यक्रम में पहुंची थी वह भोपाल में सिटी बस के रूप में चलती हैं।
रही थी कसर तो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के सामने क्षेत्र में हुई इस फजीहत की पोल भी खुल गई।
जानकारी यह भी मिली है कि इस विरोध के पीछे रामपाल सिंह और उनके बेटे की करतूत भी है। इस बार लोग भाजपा रामपाल और उनके परिवार के लोगों से खासे नाराज हैं और इधर पूरे मध्य प्रदेश के लोग शिवराज सिंह से नाराज । कुल मिलाकर भाजपा की फजीहत।
Nitin Dubey 9630130003 ( साभार )
