पिपरिया। जहां एक और सरकार विकास के दावे कर रही साथ गरीब आदिवासियों को जंगल से विस्थापित कर नवीन सुविधा देने का लगातार प्रचार कर रही है।इसी की पड़ताल की हमारे खबरे आजतक के पिपरिया तहसील ब्यूरो पंकज पाल ने पिपरिया तहसील के विस्थापित ग्राम राइखेड़ा की ओर जिन व्यक्तियों को योजनाओ का लाभ मिलना चाहिए वह बहुत ही कम लोगो को मिल रहा है इसमे सबसे ज्यादा लाभ प्रभावशाली लोग उठा रहे है जो लायक है वह केवल परेशानी के अलावा कुछ नही है उसके पास सरकार का कार्य है योजनाओ को लागू करना सरकारी अधिकारी कर्मचारी इनको क्रियान्वित करते है इन निर्माण कार्यों से लोग संतुष्ट नही है क्योंकि निर्माण कार्यो मे उच्च गुणवत्ता की कमी भ्रष्टाचार अनियमित्ताओं का बोलबाला है ज्यादातर कार्य फाईलों तक ही सीमित है योजनाओ का लाभ दिखावा मात्र है अचानक इसवर्ष ऐसा क्या हो गया कि गरीबों के लिए योजनाओ का पिटारा खुल गया यह चमत्कार और कुछ नही “चुनावी -समर है ” ।
प्रशासन द्वारा पचमढी सतपुडा टाईगर रिजर्व मे निवासरत ग्राम झोला, आजनढाना , मोगरा से ग्रामीणो को हटाकर इनका विस्थापन एक अलग ग्राम नया राईखेडा मे विस्थापित किया गया है।
प्रशासन द्वारा गरीब आदिवासियो को विस्थापित तो किया गया सही मायने में यहाँ पर बिजली, पानी , स्कूल, आँगनवाडी , रोड निर्माण कार्य दिखावटी मात्र हैं। सडके पानी के गड्डों से भरे हुए है यहाँ पैदल चलना तक दूभर है।जब ग्रामीणों से पूछा गया
तो कहना है कि सभी जबाबदार जनप्रतिनिधियो , अधिकारियो को इस विषय पर अवगत कराया जा चुका है ।पर आश्वासन सभी के पास है पर सत्य के दर्शन किसी के पास नही । अगर भगवान ना करे रात मे अचानक किसी कि तबीयत बिगड जाये या प्रसूता को अचानक हॉस्पिटल ले जाना पड जाये तो उसका तो ईश्वर ही मालिक है ।
बुनियादी सुविधाओ की भारी कमी है , गंदगी का अंबार , बीमारियो का खतरा
पिछले कुछ दिनो पहले अनुसूचित जनजाति आयोग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुसुइया उईके ने इस ग्राम का दौरा किया था उन्होंने पिपरिया अनुविभागीय अधिकारी मदन सिंह रघुवंशी व पटवारी कन्हैयालाल बौरासी को रोड बनाने के लिए कहा गया था लेकिन कोई हल नही निकला अगर कुछ निकल रहा तो बेशकीमती मिट्टी व मुरम और ग्रामीणों की आस |
तहसील ब्यूरो, पंकज पाल , पिपरिया 8989001127
