भोपाल – प्रदेश की राजनीति में अचानक धमाल करने वाला व्हाट्सऍप अप कांड चुनाव आयोग की जाँच उपरांत फैब्रिकेटेड निकला । जिसे पृथम जाँच में कूट रचित होने के आधार पर फ़र्जी करार देते हुऐ मप्र निर्वाचन आयोग ने दोनों अधिकारियों को निर्दोष पाया ।
बहरहाल जो भी हो मामला अभी तक संदिग्ध है । चुनाव के बाद अचानक इस घटना ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चुनाव किस तरह मैनेज किया गया होगा की और संदेह उत्पन्न करता है । खुरई में मतदान के 48 घंटे बाद तक मतपेटीयो का स्ट्रॉंग रूम के बाहर पाया जाना , सतना में स्ट्रॉंग रूम के पिछ्ले दरवाजे के सीसीटीवी शॉट , भोपाल स्ट्रॉंग की बिजली गायब होना , इस जैसी अन्य घटनाओं के जगज़ाहिर होने के बाद व्हाट्सऍप अप चेट कांड को इतनी जल्दी फेब्रिकेडेट साबित करनी कहीं ना कहीं जल्द बाज़ी की और इशारा करता है ।
जानकारी अनुसार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बीएल कान्ताराव द्वारा अपनी जाँच रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी है , जिसमें उन्होने उक्त कांड को साज़िश करार देकर चेट हेकिंग और मेसेज फैब्रिकेटेड होने के आधार पर शहडोल कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव और डिप्टी कलेक्टर पूजा तिवारी को क्लीन चिट दी । वहीं इस मामले में शहडोल जिला कलेक्टर श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने कहा है कि जिले की डिप्टी कलेक्टर कु. पूजा तिवारी के साथ विधानसभा चुनाव-2018 के दौरान वाट्सअप पर वायरल हुआ चैट का स्क्रीन शाट पूरी तरह असत्य एवं फैब्रिकेटेड है। उन्होंने कहा कि कुमारी पूजा तिवारी के साथ उनके द्वारा ऐसा कोई चैट कभी नहीं हुआ।
कलेक्टर शहडोल ने क्या बताए मामला फ़र्जी होने के आधार –
कलेक्टर श्रीमती श्रीवास्तव ने वस्तु-स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि कु. पूजा तिवारी शहडोल जिले के जयसिंह नगर विधानसभा क्षेत्र 84 की एआरओ के रूप में विधानसभा निर्वाचन 2018 से संबंधित निर्वाचन कार्य देख रही थी। जैतपुर विधानसभा क्षेत्र 85 से संबंधित निर्वाचन कार्य उन्हें आवंटित नहीं था। इसके अलावा, इस कथित वाट्सएप स्क्रीन शॉट में मेरा अथवा कु. पूजा तिवारी का फोन नंबर दर्शित नहीं है। स्पष्टत: यह स्क्रीन शॉट जाली तौर पर बनाया गया है।
डिप्टी कलेक्टर ने कराई एफआईआर
इस पूरे मामले में जो नाम कलेक्टर के बाद उभर कर आया , वह नाम था डिप्टी कलेक्टर कु. पूजा तिवारी का । जिनके द्वारा इस बारे में थाना कोतवाली, शहडोल में दिनांक 14 जनवरी, 2019 को ही एफआईआर दर्ज करा दी गई है। यह एफआईआर धारा 354 (डी) ता.हि. एवं 67 आईटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है। वाट्सएप कंपनी से भी इस बारे में जानकारी चाही गई है।कलेक्टर श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि इस बारे में समग्र वस्तुस्थिति से मेरे द्वारा राज्य शासन को अवगत करवा दिया गया है।
सैयद ख़ालिद कैस के साथ अबरार अहमद खान की रिपोर्ट
