सतना. फिरौती के लिए अगवा किये गए सतना जिले के चित्रकूट से अपहरण किए गए दो भाइयों की अंततः हत्या कर दी गई है। यूपी और मप्र पुलिस की नाकामी का नतीजा है कि दोनों मासूम जुड़वा भाईयो की हत्या कर दी गई ।
प्राप्त जानकारी अनुसार आज सुबह पुलिस ने दोनों छात्रों के हत्या की पुष्टि की। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों छात्रों का शव यूपी के बांदा जिले के बबेरू से मिले है। अगवा जुड़वा बच्चों के शव यमुना नदी के बबेरू घाट के किनारे बरामद किए गए थे। बांदा में बच्चों का पंचनामा कराया जा रहा है।
यूपी और एमपी की पुलिस की नाकामी के बाद बच्चों की बरामदगी के लिए इस मामले की जांच STF को सौंपी गई थी। परन्तु STF भी बच्चों की बरामदगी में नाकाम रही और बच्चों को मौत के घाट उतार दिया गया ।
इस मामले में एक चौकाने वाली बात यह भी सामनें आ रही है कि 25 लाख रुपए फिरौती देने के बाद भी बच्चों की जान नहीं बची। अपहरण के बाद अपरहणकर्ताओं ने 1 करोड़ रुपए की मांग की थी। जिसके बाद परिजनों ने 25 लाख रुपए दिए थे। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए दोनों बच्चों की हत्या कर दी थी। हत्या के मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में पांच यूपी के रहने वाले हैं जबकि एक आरोपी मध्यप्रदेश का रहने वाला है। यूपी और मध्यप्रदेश की पुलिस आरोपिय़ों को पकड़ने के लिए 13 दिनों से कोशिश कर रहे थे उसके बाद भी पुलिस का सफलता नहीं मिली थी।
दोनों जुड़वा बच्चों के अगवा होने की घटना 12 फरवरी की है। सतना जिले के चित्रकूट में तब हुई जब बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने स्कूल बस को रुकवाया और उस पर चढ़ गए। उसके बाद उन्होंने बंदूक की नोंक पर बच्चों का अपहरण किया। वारदात में साढ़े पांच लाख के इनामी अंतरराज्यीय गैंग सरगना बबुली कौल का हाथ होने की आशंका जताई जा रही थी। अपह्रत बच्चे पांच वर्षीय श्रेयांश और प्रियांश रावत जुड़वां भाई हैं और उनके पिता ब्रजेश रावत हिमशंकर विजय तेल के बड़े कारोबारी हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मामले में संज्ञान लिया था। सीएम कमलनाथ ने डीजीपी वीके सिंह से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी और अपहरणकर्ताओं को जल्द गिरफ्तार करने के दिए निर्देश दिए थे। परन्तु सभी निर्देश नाकाफी रहे और पुलिस बच्चों की जान नही बचा पाई ।
