@खेमराज चौरसिया (आरटीआई कार्यकर्ता )
छतरपुर मध्य प्रदेश-राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य लोगों को सस्ती दर पर पर्याप्त मात्रा में उत्तम खाद्यान्न उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिले और वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते राशन विक्रेता ने नहीं दिया, 404 परिवारों को अक्टूबर 2019 का राशन नौगांव ब्लॉक के महाराजपुर तहसील अंतर्गत ग्राम गोरारी एवं ग्राम मुखर्रा गांव में नहीं बांटा गया गरीबों को मिलने वाला राशन ग्राम गोरारी में दो सौ तेरह परिवारों को 59 कुंटल 4 किलो गेहूं चार सौ लीटर मिट्टी का तेल वहीं 24 किलो शक्कर तो वही ग्राम मुखर्रा में 191 परिवारों को 50 कुंटल 50 किलो गेहूं 400 लीटर मिट्टी का तेल 30 किलो शक्कर आवंटित राशन राशन दुकानदार द्वारा नहीं बांटे जाने की जानकारी मिली है।
ज्ञात हो कि अक्टूबर 2019 माह में बायोमेट्रिक मशीन से राशन ना बांटे जाने की भी जानकारी आ रही है जिसकी वजह से राशन दुकानदारों ने भ्रष्टाचार किया है। वहीं ग्राम गोरारी की राम बाई ने बताया कि दुकानदार का कहना है की जितना मिलना था मिल गया पुराना राशन नहीं मिलता।
उपभोक्ताओं की ज़ुबानी –
कमल ने बताया कि 10में महीने का राशन नहीं मिला।राजू का कहना है। कि पूरे गॉव में10में महीनों का राशन किसी को भी नहीं मिला।
वही राजाराम ने बताया सरकारी टेंडर हो रहे हैं। इसलिए राशन रुक गया टेंडर होने के बाद राशन मिलेगा।
वहीं इसी मामले में ग्राम पंचायत के सेक्रेटरी से जब बात की गई तो उन्होंने बताया किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है मौखिक बात सामने आई है। इसी तरह राशन ना बाटे जाने की बात मुखर्रा गांव भी मैं भी सामने आई है। राशन विक्रेता द्वारा नवंबर, दिसंबर 2019 का राशन बांट दिया कुछ राशन पर्ची में अक्टूबर 2019 का राशन बिना दिए भी दर्ज कर दिया।
राशन दुकानों पर कहीं भी समिति का नाम दर्ज नहीं है। इस राशन अनियमितता की जानकारी ग्राम पंचायत सेक्रेटरी से क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी तक को है। इस मामले में अब जिला खाद्य अधिकारी क्या कार्रवाई करेंगे यह देखने वाली बात होगी या राजनीतिक दबाव में फिर जांच जांच का खेल खेला जाएगा।
