कोलकाता। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार निर्विरोध जीतने में तृणमूल कांग्रेस ने वाममोर्चा का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने त्रिस्तरीय पंचायतों में 34.2 फीसद सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की है। पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा की सत्ता जब अपने पूरे शबाब पर थी तो 2003 में उसने त्रिस्तरीय पंचायतों में सर्वाधिक 11 फीसद सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की थी।
शनिवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि खत्म होने के बाद राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस ने त्रिस्तरीय पंचायतों में लगभग 20 हजार सीटों यानी 34.2 फीसद पर बिना प्रतिद्वंद्विता के कब्जा कर लिया है। अलग-अलग जिलों से इस संबंध में अब तक जो सूचना मिली है, उसके मुताबिक हावड़ा के बाली-जगाछा पंचायत समिति के अंतर्गत आनेवाली आठ ग्राम पंचायतों में तीन चुनाव होने के पहले ही तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में चली गई। बाकी पांच ग्राम पंचायतों के भविष्य का फैसला चुनाव के बाद होगा।
दुर्गापुर-अभयनर चमराइल के 17 ग्राम सभा सीटों पर तृणमूल कांग्रेस बिना किसी प्रतिद्वंद्वी के सभी सीटों पर जीत गई है। जगदीशपुर ग्राम पंचायत में ग्रामसभा की कुल 18 सीटों में से 16 तृणमूल के खाते में चली गई है। हालांकि दो सीटों पर चुनाव होना है। यहां पंचायत समिति के सभी तीन सीटें तृणमूल के खाते में चली गई हैं। पूर्व मेदिनीपुर जिले की अधिकांश सीटों पर तृणमूल की जीत हुई है। 16 सीटों के सूताहाटा पंचायत समिति और 30 सीटों के नंदीग्राम 1 पंचायत समिति में से 29 सीटों पर तृणमूल की निर्विरोध जीत हुई है। इसी तरह अन्य जिलों में भी बहुत सी सीटों पर तृणमूल की निर्विरोध जीत हुई है।
