नवबहार सब्जी मण्डी में नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्यवाही के संबंध में मंत्री माननीय भूपेन्द्र सिंह जी एवं आयुक्त नगर निगम भोपाल से दूरभाष पर चर्चा कर पत्र लिखकर दोषी कर्मचारीयों पर कार्यवाही करने की माॅग की।
भोपाल। विधायक आरिफ मसूद ने आज दूरभाष पर चर्चा कर एक पत्र नगरीय प्रशासन मंत्री माननीय भूपेन्द्र सिंह जी, आयुक्त नगर निगम भोपाल एवं कलेक्टर भोपाल को लिखकर नवबहार सब्जी मण्डी मंे नगर निगम द्वारा लाॅकडाउन के समय दुकानों में की गई तोड़फोड़ की कार्यवाही करने वाले दोषी कर्मचारीयों एवं अधिकारीयों के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा एवं 188 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कराए जाने एवं विभागीय जाॅच करा कर निलंबन की कार्यवाही शीघ्र करने की माॅग की।
आगे विधायक आरिफ मसूद ने दूरभाष पर चर्चा करते हुए कहा कि मुझे यह ज्ञात हुआ है कि नवबहार सब्जी मण्डी की बरसों पुरानी दुकानें नगर निगम अतिक्रमण अमले द्वारा तोड़ी र्गईं है जिसका मुझे बहुत अफसोस है। ऐसे समय में जब कोरोना महामारी से लाॅकडाउन लगा हुआ हो जनता अस्पतालों में बेड नहीं मिलने पर क़तार लगाए खड़ी है रेमडिसीवर इंजेक्शन एवं आॅक्सीजन के लिए परेशान हो रही हो मोतों का ढेर लगा हो शमशानघाट एवं कब्रिस्तानों में शवों को जगह नहीं मिल पा रही हो ऐसे समय में नगर निगम के किस अधिकारी के कहने से नवबहार सब्जी मण्डी की दुकानंे तोड़ी गईं।
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि कोरोना महामारी के समय नगर निगम कर्मचारीयों का कार्य आम जनता को मूलभूत सुविधाएं देने का होता है पिछले लाॅकडाउन में भी भोपाल नगर निगम द्वारा पूरे शहर में कोरोना महामारी से बचाओ के लिए सेनेटाइज़र का छिड़काव नगर निगम द्वारा किया गया था और सभी कर्मचारी लोगों की सेवाओं में लगे थे जिसकी सराहना भोपाल के सभी नागरिकों ने की थी।
पत्र में विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि पिछले वर्ष से ज़्यादा भयावह गंभीर स्थिति इस समय के कोरोना महामारी में है जहाॅ पर आम जनता कोरोना महामारी से पीड़ित परिवारों को लेकर अस्पतालों, शमशानों, कब्रिस्तानों में व्यस्त है ऐसे समय में नगर निगम के अतिक्रमण द्वारा नवबहार सब्जी मण्डी की दुकानांे को बिना नोटिस के तोड़फोड़ कर रहे हैं यह मानवता और इंसानियत के खिलाफ है। क्या निगम इस समय दूसरी ज़िम्मेदारीयों को छोड़ कर बिना नोटिस दिये बंद सूनी दुकानों को तोड़ सकता है वहीं दूसरी ओर क्या लाॅकडाउन में इतने कर्मचारी को लेजाकर दुकानें तोड़ना धारा 188 का उल्लंघन नहीं है यदि ठेले लगे होते तो उसको हटवाने की व्यवस्था नगर निगम करती तो माना जाता लेकिन दुकानों के निर्माण को तोड़ना यह मेरी समझ से परे है ऐसे विषम समय में इस तरह की कार्यवाही नगर निगम कर्मचारीयों ने की है जो कि बहुत ही निन्दनीय है ऐसे लोगों के विरूद्ध क़ानूनी कार्यवाही कर इनको निलंबित किया जाना चाहिए।
