सहायक स्टाफ़ एवं आवश्यक मेडिकल उपकरणों से जूझ रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वेंकटनगर
वेंकटनगर/ मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ अंतरराज्यीय सीमा रेखा से लगा हुआ ग्राम वेंकटनगर जो जिला मुख्यालय अनूपपुर से सड़क मार्ग 40 कि.मी. की दूरी पर हैं। वेंकटनगर जो इन दिनों प्रशासनिक उदासीनता केंद्र बिंदू बन के ही रहा गया हैं। एक ओर वेंकटनगर की पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंर्तगत आता हैं, दूसरी तरफ़ इसके नजदीक लगे ग्रामों की सीमा अनूपपुर विधानसभा को छूती हैं, वही वेंकटनगर तहसील मुख्यालय से जैतहरी से जुड़ा हैं।लेकिन आज भी वेंकटनगर विकास के नाम पर कोसों दूर है।

एक ओर पूरे विश्व मे इन दिनों कोरोना महामारी के चपेट में हैं, जिससे वेंकटनगर ग्राम पंचायत भी अछूता नहीं रहा हैं, कहने को तो वेंकटनगर में एक 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी जो आस-पास के 10 से 12 गांवों का प्रतिनिधित्व करता हैं । लेकिन वर्तमान परिदृश्य में स्वास्थ्य केंद्र भी आवश्यक कमियों के कारण बीमार नजर आ रहा हैं। सब महत्वपूर्ण बात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वेंकटनगर जो इस कोरोना काल में खुद ही बीमार हैं वो अपने यहाँ आने वाले मरीजों का कैसे उपचार करेगा,एक ओर स्वास्थ्य केन्द्र में आवश्यक मेडिकल उपकरणों की तो इन दिनों कमी है ही साथ ही मरीजों की देखभाल करने के लिये मेडिकल स्टाफ़ की भी काफ़ी कमी हैं,और जो हैं वो उनमें से भी कई स्टाफ़ कोरोना पॉजीटिव होने के कारण छुट्टी पर है जिसके कारण यहाँ आने वाले मरीजों समुचित इलाज ही नहीं मिल पाता और उन्हें मजबूरी में जैतहरी और अनूपपुर के लिये रैफर करना पड़ जाता हैं । जहाँ कुछ दिनों पूर्व अनूपपुर जिले के जिला कलेक्टर अपने औचक निरीक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इसे 10 ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त कंप्लीट बेड यहा बनाने की बात कही थी ,जो सिर्फ़ कागजों में ही सीमित रह गया अभी जब ग्राम के कुछ जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने वेंकटनगर में ऑक्सीजन सिलेंडर और बेड की बात जिले के प्रभारी मंत्री जी व अन्य उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई तब जाकर कही वेंकटनगर स्वास्थ्य केंद्र को 10 ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त हुये लेकिन वो अधूरे क्योंकि ऑक्सीजन सिलेंडर में लगने वाले फ्लो मीटर केवल तीन ही उपलब्ध कराए गए जो वर्तमान स्थिति नाकाफ़ी वही जो बेड भी था उनमें कुछ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरण कर दिया गया वही लोहे के बेड तो है लेकिन उनको बिछाने वाले गद्दे चद्दर का पता नही हैं। मेडिकल स्टाफ़ कहना है कि अगर हमें इस कोरोना महामारी से लड़ने के लिये लगने वाले आवश्यक उपकरण एवं स्टाफ़ मिल जाये तो हम 10 बेड एक व्यवस्थित स्वस्थ सेवा संचालित करने में सक्षम हो पाएंगे। जहाँ वेंकटनगर में जो थोड़ा बहुत स्टाफ पदस्थ हैं उनमें से कई स्टाफ को अन्य जगह पर ड्यूटी की लगा दी गई है,जिसके कारण यहाँ व्यवस्था और ही चरमरा गई हैं, अगर वेंकटनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूरा स्टाफ एवं मेडिकल इक्विपमेंट व्यवस्थित हो जाए तो करो ना की महामारी से आसानी से लड़ा जा सकता है। वेंकटनगर एक एंबुलेंस थी वह भी काफी दिनों से बिगड़ी हुई जो बनने के लिए शहडोल में खड़ी है जिसके कारण यहां पर आने वाले गंभीर मरीजों को जैतहरी या जिला अस्पताल में रेफर करने के लिए काफ़ी समय लगता और वहां से एंबुलेंस आने की प्रतीक्षा करनी पड़ती है जिसके कारण मरीजों व उनके परिजनों को काफी दिक्कत होती है।
@नीरज केशरवानी अनूपपुर
