मोदी और शिवराज जी की चाइना से मित्रता उजागर हुई चाइना की पी.पी.किट दे रही शिवराज सरकार
भोपाल। पत्रकारों से चर्चा करते हुए काॅगे्रस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि मैने एक पत्र मुख्य सचिव म.प्र. शासन को लिख कर माॅग की है कि चिन्हित कब्रिस्तान एवं शमशानघाट कमेटियों को अंतिम संस्कार करने वाले व्यक्तियों की राशि दी जाए। आगे कहा कि (कोविड-19) से मृत्य हुए व्यक्तियों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित की गई राशि शिवराज सरकार नहीं दे रही है जहाॅ एक ओर कोरोना महामारी से मरने वाले व्यक्तियों का परिवार लाॅकडाउन के समय आर्थिक कठिनाईयों से जूझ रहा था वहीं ऐसे संकट के समय अपनी जान की परवा ना करते हुए शासन द्वारा चिन्हित कब्रिस्तान और शमशानघाटों में अंतिम संस्कार करने वाले व्यक्तियों के लिए स्थानीय शासन द्वारा कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार करते समय जो भी खर्चा होगा जैसे कब्र खोदना, कफन, लकड़ी इत्यादि सामग्री जो कि कब्रिस्तान एवं शमशानघाट कमेटियों को करना होगा उसके बदले शासन द्वारा प्रति मृतक व्यक्ति के अंतिम संस्कार हेतु 5,000/- (पाॅच हज़ार रूपये) की राशि निश्चित की गई थी।
विधायक आरिफ मसूद ने कहा एक ओर पूरा देश चीन के खिलाफ खड़ा हुआ है और उसकी सामग्री का बहिशकार कर रहा है वहीं शिवराज सरकार चाइना की कोरोना से बचाव की पी.पी.किट दे रही है जो कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार कर रहे हैं। उनको शासकीय जे.पी. हाॅस्पिटल से चाइना की घटिया किटें दी जा रही हैं इससे स्पष्ट होता है कि मोदी और शिवराज सरकार की चाइना से कितनी गहरी मित्रता है। आरिफ मसूद ने आज पत्रकारों के सामने चाइना की पी.पी.किटों को दिखाया।
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि इस संबंध में मेरी चर्चा तात्कालीन संभाग आयुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव एवं कलेक्टर भोपाल श्री तरूण पिथौड़े जी से भी हुई थी, जिन्होेने मुझे आश्वासन दिया था कि शीघ्र ही अंतिम संस्कार एवं कफन दफन का पैसा कमेटियों को मिल जाएगा परंतु उन कमेटियों को अभी तक कोई भी राशि का भुगतान नहीं हुआ है, जिस पर मेरे द्वारा वर्तमान संभाग आयुक्त से भी इस संबंध में चर्चा हुई जिन्होने मुझे शीघ्र ही चिन्हित कमेटियों को भुगतान करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि ऐसी क्या परिस्थिति निर्मित हो गई की कोरोना काल में अंतिम संस्कार करने वाले व्यक्तियों की राशि क्यांे रोकी गई है।
विधायक आरिफ मसूद ने कहा शिवराज सरकार की सभी घोषणाएं झूठी साबित हो रही हैं जो सरकार अंतिम संस्कार तक का पैसा नहीं दे सकती तो शासन यह स्पष्ट करे की अधिकारियों द्वारा दिये गए आश्वासन झूठे थे तो मैं समाज सेवी संस्थाओं के माध्यम से रकम इकट्ठा कर अंतिम संस्कार करने वाली चिन्हित कमेटियों को दिलवा सकूूं और आम जनता के सामने इस सरकार का चेहरा उजागर करू की म.प्र. में एक बार फिर झूठे वादों की सरकार आ गई है।
