पत्रकारों सावधान… भाजपाईयों के मुकदमों का जवाब, पेन अप कर देना होगा!
August 30, 2021
देवास में पत्रकार मोहनीष वर्मा पर दर्ज एफआईआर का खात्मा जरूरी
दीपक विश्वकर्मा, देवास। पत्रकारों अब सावधान होने का वक्त है। आज एक मोहनीष को मोहरा बनाया गया है, कल आपका भी नंबर आ सकता है। मोहनीष पर दर्ज एफआईआर देवास के सारे पत्रकारों के सतर्क होने के लिए ईशारा है। दरअसल किसी मीडिया दफ्तर में सत्ताधारी दल के नेता के घुसकर धौंस देने और बाद में पत्रकार पर एफआईआर करवाने को सामान्य घटना नहीं माना जा सकता है।
भाजपा के नेता सत्ता के नशे में यह भी भूल चुके हैं, कि इन्हीं पत्रकारों की लेखनी ने कांग्रेसनीत सरकारों के कार्यकलापों को उजागर कर भाजपा के सत्ता में आने का रास्ता साफ किया था। अब यही भाजपाई पत्रकारों के मौलिक अधिकार और कर्तव्य मतलब “पत्रकारिता” का निर्वहन करने से रोक रहे हैं। ऐसे में इनका विरोध सिर्फ पेन डाउन कर करना काफी नहीं है। पत्रकारों को ऐसे नेताओं के पक्ष की खबरों में पेन डाउन करना चाहिए।
दूसरी तरफ़ इनके पत्रकार विरोधी कार्यों को जनता के सामने लाने के लिए पेन अप भी करना होगा। नेताओं की चापलूसी में जुटे पत्रकारों को भी समझना होगा कि ये उनके तभी तक काम आएंगे, जब तक वे पत्रकार के रूप में उन नेताओं के काम आ रहे हैं। जिस पल वे पत्रकार के रूप में नेताओं के काम आना बंद होंगे, उसी पल नेता उनको तोकना बंद कर देंगे।
ऐसे तो कोई पत्रकार सुरक्षित नहीं!
जहां तक बात है मोहनीष वर्मा पर दर्ज हुई एफआईआर की, तो यह अन्य पत्रकारों के लिए भी अलार्मिंग स्थिति है। ऐसा नहीं हो सकता कि ये लोग सिर्फ मोहनीष पर एफआईआर होने के बाद किसी पर एफआईआर नहीं करवाएंगे।
साफ है कि नेताओं के किसी भी गलत काम को उजागर करने वाला हर पत्रकार इस स्थिति में खुद को पा सकता है। आप मोहनीष से सहानुभूति भले न रखते हों, लेकिन एक पत्रकार होने के नाते आपको हर पत्रकार के सुख और दुख में साथ देना होगा। ऐसा नहीं होने पर आप भी किसी वक्त खुद को अकेला पाएंगे। बाकी आप बुद्धिजीवी और समझदार हैं।
