माॅबलिंचिंग के पीड़ितों के साथ काले कपड़े पहन कर धरने पर बैठे विधायक आरिफ मसूद।
भाजपा की जहाॅ-जहाॅ जन आशीर्वाद यात्राएं निकली उन जिलों में माॅबलिंचिंग की घटनाएं बड़ी आरिफ मसूद
मध्यप्रदेश में बढ़ती माॅबलिंचिंग की घटनाओं के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर आरोपियों पर एनएसए की कार्यवाही कर सी.बी.आई. से जाॅच कराने की माॅग की।
भोपाल। मध्यप्रदेश में बढ़ती माॅबलिंचिंग की घटनाओं के विरोध में आज विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में माॅबलिंचिंग के पीड़ितों के साथ विरोध स्वरूप में काले कपड़े पहन कर गाॅधी प्रतिमा के समक्ष धरने पर बड़ी संख्या में काॅगे्रस कार्यकर्ता बैठे। धरना स्थल पर बरसात के पानी में भी कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बनता था लगातार सरकार के विरूद्ध माॅबलिंचिंग रोकने के लिए कार्यकर्ता ज़ोरदार नारेबाजी करते रहे धरने पर माॅबलिंचिंग से पीड़ित देवास हाटपिपल्या से ज़ाहिद मंसूरी, रशीद भाई पीड़ित, क़ाज़ी-ए-शहर मसूद सा. महिदपुर उज्जैन, देवास से मौलाना शोऐब नदवी आदि धरने पर उपस्थित हुए। राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर माॅबलिंचिंग करने वालों पर एनएसए और इन घटनाओं की सीबीआई जाॅच कराने की माॅग करते हुए प्रदेश में इस प्रकार की घटनाओें पर रोक लगाने की माॅग की।
आगे विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि भाजपा की जिन-जिन जिलों में जन आशीर्वाद यात्राएं निकली उन जिलों में माॅबलिंचिंग की घटनाएं बड़ी हैं इससे प्रतीत होता है कि भाजपा नफरत की राजनीति करके बड़ती महंगाई, कोरोना में जनता को सही इलाज, आॅक्सीजन, वंेटीलेटर नहीं दे पाई इन सब नाकामियों को छुपाने के लिए मंत्रियों के गैर ज़िम्मेदाराना बयानों से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं जिससे अपराधियों के दिल से पुलिस प्रशासन का भय कम हो रहा है।
दिनांक 28/08/2021 को नीमच के सिंगोली थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवक कन्हैया भील को वाहन से बाॅधकर बेरहमी से घसीट कर उसकी हत्या कर दी जाती है। दिनांक 26/08/2021 को देवास जिले के हाटपिपल्या में एक फेरी वाला जो फेरी कर तोस और जीरा बेचने का कार्य करता है से उसका आधार कार्ड माॅगा गया, आधार कार्ड ना दिखाने पर उसके साथ कुछ व्यक्तियों द्वारा मारपीट की गई। क्या अब मध्यप्रदेश में व्यापारियों, फेरी वालो को अपना आधार कार्ड दिखा कर ही व्यापार करना होगा ? निश्चित ही मध्यप्रदेश राज्य में ऐसी परम्परा कभी नहीं रही।
आगे कहा कि इससे पूर्व इंदौर में एक चूड़ी बेचने वाले युवक के साथ भी इसी प्रकार मारपीट की घटना को अंजाम देने वालों के विरूद्ध यदि शासन समय रहते कड़ी कार्यवाही कर देता और शासन के मंत्री सोशल मीडिया के माध्यम से मारपीट करने वालों का हौसला नहीं बढ़ाते तो शायद नेमावर में दलित परिवार की हत्या, इंदौर में चूड़ी वाले से मारपीट, नीमच में आदिवासी की हत्या, उज्जैन एवं रीवा में माॅबलिंचिग जैसी घटना घटित नहीं होती।
विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जिस समय शासन के मंत्री व प्रवक्ताओं को आगे बढ़कर प्रदेश की जनता को आश्वस्त करना चाहिए था की मध्यप्रदेश में साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी ना कि घटना मंे शामिल आरोपियों का पक्ष लेना चाहिए था। इतने कम समय में मध्यप्रदेश में निरंतर माॅबलिंचिंग की घटनाओं की पुनरावृत्ति होना राज्य एवं पुलिस प्रशासन की छवि के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
