MP/Chhatarpur….संवाददाता:-खेमराज चौरसिया(आरटीआई कार्यकर्ता) विशेष प्रतिनिधि @9893998100
फेसबुक डेटा चोरी मामले में केंद्र सरकार का कैम्ब्रिज एनालिटिका को नोटिस फेसबुक से डेटा चुराने का आरोप झेल रही कैम्ब्रिज एनालिटिका के खिलाफ केंद्र सरकार का नोटिस भेजना और और कांग्रेस पर इस तरह की कंपनियों की सेवाएं लेकर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप झूठा है.
बल्कि सच्चाई यह है कि भारत सरकार खुद ऐसी कम्पनियों की सेवाएं ले रही है और मतदाताओं को प्रभावित कर चुनाव जीत रही है ।।
भारत सरकार द्वारा डेटा के साथ छेड़छाड़ कर चुनाव जीतने और ऐसी कम्पनियों की सेवाएं लेने का राज केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी, श्री अटल ढुल्लू के एक पत्र से हुई जिसे उन्होंने सभी राज्यों को भेजा हुआ है और केम्ब्रिज एनलिटिका की तरह डेटा क्षेत्र में कार्य करने वाली जर्मन कम्पनी GIZ के साथ काम करने का उल्लेख किया है ।।
यही नही जॉइंट सेक्रेटरी अटल ढुल्लू अगले कुछ खतों में इस कम्पनी के साथ राज्यों को कार्य करने के लिए प्रोजेक्ट में आने वाले खर्च की जानकारी भी देते हैं ।। यह खर्च एक ब्लॉक में बीस लाख रुपए है और पूरे देश मे लगभग 6000 ब्लॉक हैं ।।
ज्ञात हो कि केम्ब्रिज एनलिटिका का खुलासा भारत सरकार ने खुद नहीं किया है ।।
भारत सरकार द्वारा GIZ कम्पनी के साथ कार्य करने पर वही सवाल खड़े हो रहे हैं जो भारत सरकार द्वारा फेसबुक से डेटा चुराने का आरोप झेल रही कैम्ब्रिज एनालिटिका के खिलाफ केंद्र सरकार ने नोटिस दे कर पूछे हैं है।
सरकार ने कैम्ब्रिज एनालिटिका से सवाल पूछा है कि क्या कंपनी भारतीयों के पर्सनल डेटा को किसी से साझा करने के लिए किसी से साझेदारी की है?
सरकार के सवाल
क्या किसी का पर्सनल डेटा शेयर करने से पहले किसी व्यक्ति की अनुमति ली गई थी?
किस तरह से संग्रह किया गया व्यक्तिगत डेटा को दूसरों से साझा किया?
उस डेटा का किस तरह इस्तेमाल किया गया?
क्या है भाजपा-कांग्रेस कनेक्शन?
फेसबुक से डेटा चोरी की खबरों को लेकर सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा है. पॉलिटिकल डेटा एनालिसिस कंपनी ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ पर 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा चुराकर, उनका गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा है. इन आरोपों से फेसबुक मुसीबत में घिर गई है. इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. वहीं, ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ की पार्टनर कंपनी ओवलिनो बिजनेस इंटेलिजेंस (OBI) की वेबसाइट से डेटा चोरी के मामले में बीजेपी-कांग्रेस कनेक्शन के सबूत मिले हैं.
दरअसल, ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की मदद की थी. ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘लंदन ऑब्जर्वर’ ने पिछले हफ्ते अपनी इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ के बारे में खुलासे किए. एक टीवी चैनल ने ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ के सीईओ से जुड़ी एक रिपोर्ट दिखाई. फेसबुक से जुड़े डेटा चोरी के इस मामले की खबर के बाद महज 48 घंटे में मार्क जुकरबर्ग को करीब 58,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
वही गलत तरीके से भारत सरकार ऎसी ही एक कम्पनी(GIZ) का उपयोग कर मतदाताओं को प्रभावित किया और चुनाव जीते ….
