विशेष सम्पादकीय
पिछले कई माह से मोदी ,शाह सहित पूरा मोदी मंत्रीमंडल गुजरात चुनाव में एडी चोटी का जोर लगाये बैठा था ,बिकाऊ न्यूज़ चैनल सहित मोदी भक्त गुजरात में भाजपा को 150 सीटों से अधिक आने का दावा करते नही थक रहे थे , परन्तु आज गुजरात नतीजे आने के बाद सबके चेहरों पर ख़ुशी ज़रूर है लेकिन दिल में हार की कसक है . असल में गुजरात में भाजपा जीती ज़रूर है परन्तु यह जीत किसी हार से कम नही है .मोदी की कल्पना के विपरीत परिणामों ने एक और अहंकार को हराया वही दूसरी और 2019 के आम चुनाव के लिए चिंता का विषय निर्मित कर गई है . भाजपा लाख यह कहती दिख रही है हमारी जीत सुनिश्चित थी ,परन्तु जीत के नतीजे यह होंगे इसकी कल्पना उनको भी नहीं थी . कांग्रेस हारी ज़रुर है पर उसका प्रदर्शन पिछली विधान सभा चुनाव से बहुत हद तक बेहतर निकला है ,भाजपा के तलवे चाटने वाले या कांग्रेस की कमर में खंज़र घोंपने वालों के कारण कुछ नुकसान ज़रूर हुआ पर कचरा साफ़ होने के कारण विश्वासघातियों से कांग्रेस को कुछ हद तक निजात मिली है . गुजरात चुनाव में भाजपा 99 सीटों पर काबिज होकर बड़ी पार्टी जरुर बनी परन्तु कांग्रेस के खाते में 76 सीटें आना भी सत्ताधारी भाजपा के 22 साल के मिथक को तोड़ने के लिए काफी लाभदायक होगा . गुजरात में 182 सीटों के लिए 9 और 14 दिसंबर को हुए चुनाव में कुल 67.75% वोटिंग हुई जो पिछले चुनाव से 3.55% कम है। गुजरात में बीजेपी को 150 प्लस सीटों की उम्मीद थी जो 99 पर सिमट गई वही राहुल को एकतरफा जीत का भरोसा था वह भी काफूर हो गया .गुजरात चुनाव में बीजेपी का 49.1% जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 41.5% रहा। बीजेपी का वोट शेयर करीब 1% और कांग्रेस का करीब 2% बढ़ा। सीटों के मामले कांग्रेस फायदे तो बीजेपी नुकसान में रही है । इस बार बीजेपी को 99 मिली जबकि पिछली बार 115 सीटें मिलीं थी जो अब घट गई है वहीँ कांग्रेस को 77 सीटें मिली है जो कि पिछली बार मिली 61 सीटों के मुकाबले 16 सीटें ज्यादा हैं .गुजरात में भाजपा 1995 से सत्ता सुख भोग रही है ,वर्ष 1995 में भाजपा को 121,कांग्रेस45. एवं वर्ष 1998 में भाजपा को 117 कांग्रेस 53 .,वर्ष 2002 में भाजपा को 127 ,कांग्रेस-51, वर्ष 2007 में भाजपा को 117,कांग्रेस 59. वर्ष 2012में भाजपा को 115,कांग्रेस 61 और वर्ष 2017 में भाजपा को कुल 99 सीटें मिली तो कांग्रेस 77 मिली ,यदि ग़ोर किया जाए तो कांग्रेस 1995 में 45 सीटे से बढ़कर 99 तक पहुंची वही भाजपा 121 से निरंतर घटती हुई 99 तक पहुंचना भाजपा के लिए शुभ संकेत नही हैं .इस प्रकार भाजपा गुजरात में चुनाव जीतकर भी हार गई है ।
. ..सैयद खालिद कैस
