सम्पादकीय
नोट बंदी के बाद जीएसटी का धमाका करने वाली मोदी सरकार अब सटोरियों पर मेहरबान नज़र आ रही है ,क्रिकेट में सुधार और पारदर्शिता को लेकर जस्टिस आर .एम्.लोढा कमेटी की सिफारिशे आने के बाद सुप्रीम कोर्ट की विधि आयोग को निर्देश के बाद सरकार सट्टेबाजी को कानूनी दर्जे का मन बना चुकी है ,
विधि आयोग के सूत्रों के अनुसार जल्द ही आयोग इस बाबत अपनी सिफारिशे सरकार को सोंप सकता है ,जिसके बाद अवेध सट्टे बाजी को कानूनी दर्जा प्रदान कर कालेधन पर रोक लगाई जायेगी .इस तरह सरकार लाइसेंसधारी को सट्टेबाजी की कानूनी इजाज़त दे सकती है . क्या ? सरकार का यह कदम आम जनता के लिए हितकारी होगा .
नोट बंदी के नाम पर देश भर में त्राहि त्राहि करने वाली सरकार ने उस वक्त भी नोट बंदी को कालेधन को रोकने का माध्यम बताया था ,परन्तु कालेधन पर कोई रोक नहीं लगी ,वरन कालाधन इस बहाने सफ़ेद में ज़रूर परिवर्तन हो गया .
अब सट्टेबाजी को कानूनी दर्ज़ा देकर सरकार सट्टे बाजों को संरक्षण देने की फिराक में लग रही है .लाइसेंस के साथ सट्टेबाजी का कारोबार वैध तरीके से खूब फल फूल सकेगा ,और सत्ता -संगठन में बैठे सटोरियों को क़ानूनी मान्यता भी लगे हाथ मिल जायेगी .सफ़ेद पोश अपराधी पुन: अपने कारोबार को सफ़ेद चादर के साथ धड़ल्ले के साथ अपनी तिजोरियां भर सकेंगे .
सैयद खालिद कैस
