भोपाल –भारतीय जनता पार्टी एक षड्यंत्र कारी पार्टी है।पिछले 3 चुनावों में षड्यंत्र कर भाजपा चुनाव जीतते आ रही है।हर बार कांग्रेसी भाजपाई षड्यंत्र में फंस कर आसानी से बनती सरकार से हाथ धो बैठ रहे है।भाजपा ने पुनः 4 बार भी अपने षड्यंत्र का जाल बुनना शुरू कर दिया है।इस जाल में पुनः एक बार कांग्रेसी फंसते नजर आ रहे है।भाजपा का यह षड्यंत्र जाल अभी उनके द्वारा प्रचारित 80% विधायको का चुनाव हारने के समाचार का मायाजाल है।जब जब चुनाव नजदीक आता है भाजपा खुद सर्वे और अन्य झूठे माध्यमो से प्रचार कराते है कि उनके विधायक कमजोर है,छेत्रो में उनका जनाधार खत्म है,कार्यकर्ता विधायको से नाराज है,बहुत मंत्री चुनाव हार रहे है।
ऐसे चुनाव पूर्व सर्वे रिपोर्ट को भाजपाई चुनाव से 1 वर्ष पूर्व व्यापक स्तर पर शोशल मीडिया,समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के माध्यम से फैला कर कांग्रेसियों को अति आत्मविस्वास से भर देते है,जिसका परिणाम ये होता है कि कांग्रेसी चुनाव तो जीत ही रहे है बोलकर जमीनि स्तर पर कार्य करना बंद कर चौक चौराहों में मजे लेने में मस्त हो जाते है।कांग्रेसी फिर कागजी शेर बन हवा हवाई बातों में समय गुजारना शुरू कर पूरा मैदान बीजेपी के लिए छोड़ देते है।
जबकि इसके बाद षड्यन्त में माहिर भाजपा अपने सारे नाराज कार्यकर्ताओ को अनुशाशन के पाठ के दम पर पुनः चुनाव जीत लेती है।
आज कांग्रेसियों को बीजेपी के इस षड्यंत्र को समझ उनके प्रचार के मायाजाल से बाहर निकल जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यक्ता है।यदि कांग्रेस जमीनी स्तर पर छेत्रीय समस्याओ को लेकर आक्रमक नही होती है तो निश्चित ही षड्यंत्र जाल में फंस कर भाजपा को 4 पारी खेलने से नही रोक सकती।
