जन-प्रतिनिधियों के विकास निर्माण कार्य मैं दस्तावेज नियम क़ानून सभी कुछ ताक पर।
यहां विधायक कांग्रेस का तो सांसद बीजेपी का महाराजपुर नगर की राजनीति का फायदा हम साथ साथ।
मध्य प्रदेश //छतरपुर// महाराजपुर। छतरपुर जिले की महाराजपुर तहसील अंतर्गत महाराजपुर नगर पालिका के विकास कार्य में नियम कानून नहीं जनप्रतिनिधियों की मर्जी चली और हो गया लाखों करोड़ों रुपयों एवं पद का दुरुपयोग।
उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश हो या राज्यपाल का जमीन अधिग्रहण का राज्य पत्र, गृह विभाग की जमीन हो या गौठान की जमीन हो या प्राइवेट लोगों की जमीन पर नगरपालिका का निर्माण कार्य तो कहीं-कहीं तो ठेकेदारों ने ही निर्माण कार्य मैं सहयोग कर निर्माण कार्य तो करा दिया सूत्र बताते हैं यह कमीशन के खेल में नियम कानून नहीं देखे जाते शिकायत और सीमांकन के बाद मालूम हुआ यह जमीन तो प्राइवेट है या दस्तावेज अन्य विभागों के नाम निर्माण कार्य के पूर्व विभाग के नाम जमीन हस्तांतरित करवाना भूले अधिकारी।
तो बचाव के लिए भी लिए गांव से शहर,शहर से प्रदेश तक जातिवाद का कार्ड खेलकर बचना चाहते हैं जनाब।
ऐसे मामले मैं कुछ नगर पालिका कर्मचारियों की मिलीभगत तो कुछ ने रिश्तेदारी निभाते भी नजर आए तो कुछ नगर परिषद के पार्षद की मिलीभगत से हो गया।
जो कि पद के दुरुपयोग एवं शासकीय राशि का दुरुपयोग ही है इन मामले में कानून के जानकार ऐसा बताते है।
छतरपुर कलेक्टर से कुछ ऐसी शिकायतें साक्षा सहित एवं उनके रिमांड शिकायतें एवं न्यायालय जाने की पूर्व की सूचना भी कलेक्टर कार्यालय मैं दी गई है परंतु इस मामलों में कार्यवाही के नाम पर किसी के भी कान में जूं तक नहीं रेंगी अधिकारी तो जनप्रतिनिधियों की खुशी ही देखते रहे गए।
अब इस मामले में कौन कौन दोषी है इसका जवाब भी प्रशासन को देना अभी बाकी है।
छतरपुर जिले के सबसे ईमानदार अधिकारी क्या कराएंगे इस पर कार्यवाही शासकीय राशि की वसूली पद के दुरुपयोग के महाराजपुर नगर पालिका के पूर्व एवं पूर्व अध्यक्ष के कई मामले परंतु इन सभी मामलों के देखने वाले अधिकारी की नजर गांधी चश्मा से दिखते नजर आये।
सन 2003 से 2021 तक क्या क्या हुआ है नगर पालिका एवं नगर पंचायत प्रोसीडिंग मैं इन अनियमितताओं को देखने के लिए जिले में बैठे अधिकारी कुंभकरण की नींद में कैसे रहे है यह जान कर भी आप चौक जाएंगे कि कैसे राजनेता होते हैं लाखों, करोड़ों के प्रॉपर्टी के मालिक कैसे हो गई नजूल की जमीन गुम…..
फिलहाल प्राइवेट लोगों की जमीन पर लाखों, करोड़ों रुपए का निर्माण की शिकायत उसमें भी गांधी चश्मे की टेढ़ी नजर में मामला रफा-दफा करने की सूत्रों से जानकारी मिल रही है जो कि बेहद ही शर्मनाक एवं चिंताजनक है।
.✍MP//छतरपुर/ महाराजपुर:-खेमराज चौरसिया(आर टी आई कार्यकर्ता )@9893998100
