भोपाल – काफ़ी जद्दोजहद के बाद कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की मेहनत रंग लाई और 15 साल के भाजपा के शासन से कॉंग्रेस ने मप्र को छीन लिया । चुनाव से पूर्व शिवराज का विरोध काफ़ी दिखाई दिया , परन्तु वोटर की नाराज़गी उस हद्द तक नही दिखी परन्तु जनादेश भाजपा के ख़िलाफ़ आया और सबसे बड़े दल के रूप मेँ कॉंग्रेस का उदय हुआ और 15 साल का वनवास खत्म हुआ और कमलनाथ के नेतृत्व मेँ पुनः कॉंग्रेस मप्र मेँ सरकार बनाने जा रही है ।
मध्यप्रदेश के नए मुख्यमन्त्री कमलनाथ के बारे में कुछ खास जानकारियां
नाम :-कमलनाथ
पिता का नाम :- स्वर्गीय श्री महेंद्र नाथ
माता का नाम :- स्वर्गीय श्रीमती लीला नाथ
जन्मतिथि :- 18 नवंबर 1946
पत्नी श्रीमती :- अलका नाथ
पुत्र :- नकुल नाथ एवं बकुल नाथ शैक्षणिक योग्यता :- दून स्कूल से शालेय शिक्षा ,सेंट जेवियर कॉलेज कोलकाता से वाणिज्य स्नातक
राजकीय पद :- 1979 में प्रथम बार छिंदवाड़ा से निर्वाचित 1984 , 1990, 1991 .1998. 1999 .2004 .2009 .2014 मैं लोकसभा के लिए निर्वाचित 2018
मंत्रिमंडल में प्रभार :- 1991 से 1994 तक केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री, 1995 से 1996 केंद्रीय कपड़ा मंत्री, 2004 से 2008 तक केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ,2009 से 2011 तक केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री , 2012 से शहरी विकास मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री 2014 तक ,
संगठन में पद :- 1968 में युवक कांग्रेस में प्रवेश , 1976 में उत्तर प्रदेश युवक कांग्रेस का प्रभार 1970 – 81 अखिल भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य ,1979 में युवक ,कांग्रेस की ओर से महाराष्ट्र के पर्यवेक्षक, 2,000 2018 तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव , ओर वर्तमान मर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष
शैक्षणिक संस्थानों के प्रभार :-अध्यक्ष इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी बोर्ड ऑफ गवर्नमेंट गाजियाबाद , अध्यक्ष लाजपत राय पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज गाजियाबाद ,
अध्यक्ष इंस्टिट्यूट ऑफ इंडोलॉजी नई दिल्ली साहिबाबाद
डाक्टरेट से सम्मानित सन 2006 में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित
सराहना / प्रशस्ति 1972 में बांग्लादेश की आजादी में योगदान के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर्रहमान द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान 1991 पृथ्वी सम्मेलन रियो डी जेनेरियो भारत का कुशल प्रतिनिधित्व करने के लिए संसद द्वारा प्रशस्ति 1999 ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय लंदन द्वारा आमंत्रण व्याख्यान , वर्ल्ड इकोनॉमी फोरम में 14 बार लगातार भारत का नेतृत्व करना
विदेश यात्राएं :- सन 1982 से 2018 तक 600 से अधिक विदेशी यात्राएं संसार के सभी देशों में संयुक्त राष्ट्र संघ की साधारण सभा से लेकर अंतर्राष्ट्रीय संसदीय सम्मेलनों तथा सभी प्रमुख देशों में सम्मेलनों गोष्ठियों में सम्मिलित
प्रकाशित पुस्तकें ;- भारत की शताब्दी एवं व्यापार निवेश उद्योग नामक पुस्तक के लेखक श्री कमलनाथ
