कन्नौद। न्यायालय परिसर में एक दिवसीय मध्यस्थता जागरूकता शिविर का आयोजन सोमवार को किया गया जिसमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद कुमार सहलाम, एजीपी प्रदीप राव भवर विशेष रूप से उपस्थित थे।उक्त जानकारी बार के मीडिया प्रभारी एडवोकेट शैलेन्द्र पांचाल ने देते हुए बताया कि सर्वप्रथम कार्यक्रम को संबोधित एडीजे श्री आनंद कुमार सहलाम ने किया। और उन्होंने
न्यायालय की उपयोगिता बताते हुए कहा कि अदालतों में मुकदमों की बढ़ती संख्या को कम करने के लिए मध्यस्थता आवश्यक है। मध्यस्थता से मुकदमे का निपटारा जल्द होता है, जिससे पक्षकारों के समय व पैसे की बचत भी होती है। वे सोमवार को न्यायालय परिसर में आयोजित एकदिवसीय मध्यस्थता जागरूकता शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपस्थित अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने पेशे के साथ ही समाज के प्रति कर्तव्य व दायित्व का भी निर्वाह करें। न्यायाधीश ने कहा कि मध्यस्थता सुलभ एवं स्वच्छ न्याय के लिए जरूरी है वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मध्यस्थता का महत्व बढ़ गया है। लोगों का विश्वास मध्यस्थता के प्रति तेजी से बढ़ रहा है। मध्यस्थता को मुकदमों के निपटारे का आसान माध्यम बताया। मध्यस्थता के माध्यम से जिस तेजी से मामलों का निपटारा हो रहा है, उससे लोगों का विश्वास मध्यस्थता के प्रति बढ़ रहा है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मध्यस्थता का महत्व बताना आवश्यक है। मध्यस्थता ट्रेनर मध्यस्थता के महत्व एवं मध्यस्थता कराने के तौर-तरीके के बारे में बताया। कार्यक्रम को अधिवक्ता गण दुर्गेश गर्ग, संतोष जायसवाल , ओमप्रकाश बाकलीवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन न्यायालय के कर्मचारी रामनारायण भूसारे ने किया एवं अंत मे आभार एडवोकेट ओमप्रकाश बाकलीवाल ने माना। शिविर में कन्नौद न्यायालय के अधिवक्ता सहित आसपास के ग्रामीण पक्षकार गण और कर्मचारी गण आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी बार के मीडिया प्रभारी एडवोकेट शैलेन्द्र पांचाल ने दी ।
