भोपाल। विधायक आरिफ मसूद द्वारा आज केब, एन.आर.सी. और दिल्ली में जामिया मिल्ली इस्लामिया के छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज के विरोध में इक़बाल मैदान में प्रदर्शन किया गया जिसमें प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिये हुए नारे लगा रहे थे जिसमें “I STAND WITH JAMIA & AMU”, “KILL THE BILL REJECT CAB BY COTT NRC” आदि जैसे नारे लगा रहे थे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय दिग्विजय सिंह जी और अंतर्राष्ट्रीय शायर इमरान प्रतापगढ़ी जी सहित पच्चीस हज़ार की संख्या में छात्र-छात्राएं एवं भोपाल शहर के लोग प्रदर्शन में उपस्थित थे।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री माननीय दिग्विजय सिंह जी ने संबोधित करते हुए कहा कि एन.आर.सी. और केब एक काला क़ानून है इस क़ानून से सभी धर्माें के लोगों को अपने पूर्वजों का 70 सालों का रिकार्ड देना पड़ेगा और इसकी वजह से देश के नागरिकों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली मंे जिस प्रकार से छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा आंसू गैस का प्रयोग कर लाठी चार्ज किया गया है वह निन्दनीय है सम्पूर्ण घटना की निष्पक्ष जाॅच हो और दोषि व्यक्तियों पर कार्यवाही की जाए। लोकतंत्र में विरोध प्रकट करने का सबको अधिकार है, उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय शायर इमरान प्रतापगढ़ी जी ने संबोधित करते हुए कुछ शेर पढ़े कहा कि ना तेरा है ना मेरा है यह हिन्दुस्तान सब का है नहीं समझी गई बात तो नुकसान सबका है जो इसमे मिल गईं नदियां महासागर बनाने में एहसान सबका है। इन्हे सत्ता मिल गई है तो इस देश के किसानों से इस देश के मज़दूरों से मुसलमानों से इस देश की आम आवाम से कह रहे हैं कि तुम इस देश के नागरिक हो या नहीं हो। हज़ारों बार देश के लोगों ने नरेन्द्र मोदी, स्मृति ईरानी से उनकी डिगरियां माॅगी वह अपनी डिगरियां नहीं बता पाए तो वह देश के लोगों से नागरिक होने का प्रमाण पत्र और सर्टिफिकेट मांगने लगे।
कार्यक्रम के आयोजक विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि एन.आर.सी, केब के विरोध में सम्पूर्ण भारत में विरोध प्रकट किया जा रहा है छात्र-छात्राएं एवं युवा इसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं उकनी आवाजत्र को दबाने के लिए मोदी सरकार दमन की कार्यवाही कर रही है, दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जो दिल्ली पुलिस द्वारा छात्र-छात्राओं पर लाठी जार्च किया गया है वह उसी कार्यवाही का उदाहरण है। एन.आर.सी. और केब के खिलाफ हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा जबतक मोदी सरकार इसे वापस नहीं लेती। भोपाल की आवाम ने हज़ारों की संख्या में इकट्ठा होकर आज यह बता दिया है इस काले क़ानून को हम रिजेक्ट करते हैं।
