सैयद ख़ालिद कैस की क़लम से
छतरपुर -टीवी न्यूज़ चैनल IND24 के द्वारा राष्ट्र द्रोह की खबरों का व्यवसाय करने एवं उनके प्रसारण को रोकने का आरोप लगाते हुऐ उसके विरुध्द आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा की गई शिक़ायत पर छतरपुर ज़िले के थाना महाराजपुर द्वारा लेने से इनकार करने की घटना ने यह साबित कर दिया कि मीडिया ही बिकाऊ नही बल्कि बिकाऊ मीडिया को बचाने में पुलिस भी पीछे नही रही ।
गौरतलब हो कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर IND24 के इस्टिण्गर समीर अवस्थी द्वारा राष्ट्रद्रोह के कुछ विडिओ शूट किए थे जो चैनल द्वारा नही चलाये गए । सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो , विडिओ वायरल हुऐ , जिसमें IND24 के ज़िला ब्युरो मनोज सोनी ओर समीर अवस्थी के बीच की वार्ता में सोनी द्वारा राष्ट्र ध्वज के लिए अपमानित शब्द बोले गए । विवाद सोशल मीडिया पर जमकर उछला । समीर अवस्थी द्वारा विडिओ वायरल का परिणाम उसको हटाया गया । जिसके विरुध्द कोई शिक़ायत अवस्थी द्वारा नही की गई ।
इस सम्बन्ध में जब ज़िला प्रशासन ओर पुलिस द्वारा स्वंय संज्ञान नही लिया गया तो आरटीआई कार्यकर्ता खेमराज चौरसिया ने महाराजपुर थाने में इस सम्बन्ध में राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने हेतु IND24 प्रबन्धन ओर सहयोगियों के विरुध्द आवेदन देना चाहा तो थाने वालों ने तहरीर तक लेने से इनकार कर दिया । फलस्वरूप मामला पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुँचा । ओर अब सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार , मुख्य सचिव मप्र शासन , पुलिस महानिदेशक मप्र के समक्षIND24 के द्वारा राष्ट्रद्रोह को दबाने के षड्यंत्र के विरुध्द मामला दर्ज कराया जा चुका है । यदि इस लोगों द्वारा मामले की गंभीरता को नही समझा गया तो न्यायालय में वाद दायर किए जाने की पहल खेमराज चौरसिया द्वारा की जाएगी ।
