जबलपुर। सीएम शिवराज सिंह चौहान बड़े-बड़े आयोजन करके तेंदुपत्ता संग्राहक महिलाओं को चप्पलें पहना रहे हैं। पानी के लिए बॉटल दे रहे हैं परंतु यह योजना अब जांच की जद में आ गई है। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले से खबर आ रही है कि तेंदुपत्ता संग्रहण के लिए जंगल में गई एक महिला की प्यास से तड़प-तड़पकर मौत हो गई। उसके पास ना तो सरकारी योजना की चप्पलें थीं और ना ही पानी की बॉटल। वनविभाग अब मामले की लीपोपाती कर रहा है।
मामला अमरपुर वनपरिक्षेत्र के उसरीघुंडी गांव के जंगल का है जहां तेंदूपत्ता तोड़ने गई आदिवासी महिला की प्यास से मौत हो गई है। हालांकि वनविभाग के अधिकारी महिला की मौत को सामान्य मान रहे हैं। मृतका के पति का कहना है वो अपनी पत्नी सरिता बाई के साथ 20 मई की सुबह 5 बजे जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गया था और उनके पास पानी भी नहीं था। सुबह लगभग 8 बजे महिला प्यास से व्याकुल हो गई लेकिन पानी नही मिलने से उसकी हालत बिगड़ गई और वो चक्कर खाकर जमीन पर गिर गई।
पति ने जंगल में पानी की व्यवस्था करने का प्रयास तो किया, लेकिन पानी नहीं मिल सका। किसी तरह पीठ में रखकर वह महिला को लेकर गांव की ओर चला लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। गांव से महिला के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमरपुर लाया गया। पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है जबकि पोस्टमार्टम में महिला की मौत सिर में चोट लगने की वजह से बताई गई है।
