भोपाल। समाज में फेल रही बुराइयों का नतीजा है कि अब रिश्ते तार तार होना आम बात हो गई है । यही कारण है कि परिवार रुपी संस्था का अस्तित्व प्रायः समाप्त हो गया । पारीवारिक रिश्तों में मधुरता तो कब की खत्म हो गई अब विश्वसनीयता भी खत्म हो गई है । परिवार में रिश्तों का महत्व समाप्त होना , मर्यादाओं का क्षरण होना समाज की कुरूपता को प्रदर्शित कर रहा है । ऎसे ही कुछ मामले सामने आए जिन्होने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर हम कहां जा रहे हैँ , हम किस समाज में रह रहे हैँ , हमारे नैतिक मूल्य कहां खो गए , क्या ? हम वास्तव में समाज का पतन देख रहे हैँ । जो भी हो चिंता का विषय है ।
गत दिनों समाचार पत्रों की सुर्खियां बनी एक घटना ने सबको झकझोर दिया । मामला था ज़िला अनूपपुर में एक महिला ने अपने वकील पति की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि उसके अवैध सम्बन्ध अपने जैठ से थे । यह मामला अभी शान्त भी नही हुआ था कि एक और घटना ने मन मस्तिष्क पर गहरा आघात पहुंचाया । एक पिता ने अपने पुत्र की हत्या इसलिऐ कर दी क्योंकि यह दरिंदगी की हदें पार कर गया था ।
क्या है मामला –
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां सुशिल जाटव नाम के एक शख्स का शव 12 नवंबर को बरामद किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसकी हत्या गला घोंटकर की गई है। मृतक की शिनाख्त के बाद पता चला कि वह शराबी था और उसके परिजन उससे तंग आ गए थे।
इस परिवार से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने अपने बेटे (सुशील जाटव) की हत्या करना कबूल कर लिया। क्योंकि सुशिल शराब पीने के बाद अपनी मां, बहन और भाई की पत्नी के साथ दुष्कर्म करता था।” सुशील जाटव के पिता कल्लू जाटव ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 11 नवंबर को सुशील शराब पीकर घर आया। इसके बाद उसने अपने छोटे भाई की पत्नी के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। कल्लू ने बताया कि, ”पहले भी वह ऐसा कई बार कर चुका था। इसलिए इस बार हमने उसकी हत्या कर दी और उसकी लाश गोपालदास पहाड़ी के पास फेंक दी।”
पुलिस को उसका शव 12 नवंबर को गोपालदास पहाड़ी इलाके से बरामद हुआ था। सुशील की हत्या के आरोप में पुलिस ने कल्लू, उनकी पत्नी, उनके छोटे बेटे और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चारों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल पहुंचा दिया गया है।
इन दोनों मामलों को सुन समझकर यही नतीजा निकाला जा सकता है कि हमारे समाज का नैतिक पतन हो गया है और हम जंगलराज में रह रह रहे हैँ और जानवरों के बीच ना तो कोई सम्बन्ध होते हैँ और ना मर्यादाएं ।
@सैयद ख़ालिद कैस की क़लम से
