सम्मानीय कमलनाथ जी ,
15साल के भाजपा के कुशासन के बाद मध्यप्रदेश की जनता को कॉंग्रेस सरकार चुनने का मौका मिला । 15बरस के वनवास के बाद कॉंग्रेस की प्रदेश में वापसी से जश्न का माहौल था । यह बात अलग हैं कि प्रदेश में कॉंग्रेस की शानदार वापसी का सपना जरूर टूटा , मगर सरकार बन जाने से प्रदेश की जनता को भाजपा के कुशासन से मुक्ति जरूर मिली । सरकार बनाते ही आपने अपने वचन पत्र में किए वादों को पूरा करने की जो तेजी दिखाई उससे जनता में हर्ष और विपक्ष में चिंता का माहौल निर्मित हुआ । विपक्ष ने सरकार गिराने के दर्जनो दावे किए , प्रयास भी किए , परंतु आपकी हिकमत अमली और कूटनीति ने सारे महारथियों को धाराशाही कर दिया जो किसी से छिपा नही । आपके पिठारे से निकले हनी ट्रेप के अजगर ने पूरे विपक्ष , नौकरशाहों और आपके विरोधियों की सांसे हल्क में अटका दी । निःसन्देह आपका यह मोह पाश क़ाबिले तारीफ है । आज सारा विपक्ष नत मस्तक है जो चीखते थे वह मिनमिना रहे हैं , जो दहाड़ते थे वह दुबक गए ।
महोदय किसान कर्ज माफी के अलावा भी आपने कुछ वादे किए थे आज एक साथ से पूरे होने की आस में वचन पत्र में ही दम तोड़ रहे हैं । प्रदेश का पत्रकार पिछले 15वर्ष से प्रताड़नाओ का शिकार रहा । कभी भूमाफियाओं की , कभी रेत माफ़िया की तो कभी खनिज माफ़िया की । पुलिस की प्रताड़नाओ की कहानियां तो आम बात रही । सरकार बदलने और आपकी सरकार के घोषणा पत्र जिसे आपने और कॉंग्रेस ने वचन पत्र का नाम दिया था उसके एक वचन में प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना भी था । एक साल के अंतराल में आप और आपके जनसंपर्क मंत्री हज़ारो बार यह घोषणा करते रहे हैं कि आपको वादा याद है और वादा पुरा होगा ।
गत दिनो सांझा लोक स्वामी के स्वामी की जिस तरह पिक्चर बनी , वह किसी से छिपी नही । मुझे लगता है इस तरह का हमला तो शिवराज मामा के काल में भी कभी पत्रकारिता पर नही हुआ । वह बात अलग है कि शुरुआती हमला अब रुप बदल चुका है। कल तक चोटी का पत्रकार आज अपराधी घोषित हो चुका है और आज गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार रुपए एक लाख का इनामी अपराधी हो गया है । यह उसके कर्म हैं या आपकी मेहरबानी इस पर कोई टिप्पणी नही कर सकता । पर यह बात सार्थक हो गई है कि मोदी राज की तरह अब प्रदेश में भी पत्रकारिता ख़ौफ़ के साए में है या गुणगान करने वाले ही पत्रकारों को जीने का अधिकार रह गया है ।
महोदय जनसंपर्क संचालनालय द्वारा गठित अधिमान्यता समिति व दीगर पर जिन लोगों की ताजपोशी हुई है निःसन्देह वह वरिष्ठ पत्रकार हैं , परन्तु इनमें वह चहरे में नजर आते हैं जो शिवराज सरकार ने कॉंग्रेस की कब्र खोदते थे , यह बात अलग है कि सरकार बदलते ही उनकी निष्ठा बदल गई और वह आपकी इनायत पा गए । मगर इस सबके बीच एक वह तबका जो ठेठ कॉंग्रेसी मिजाज़ का था और आशा भरी नजर रखता था कि उसे अब तो तवज्जो मिलेगी अपने आपको ठगा मेहसूस कर रहा है । खैर !
महोदय आपको सरकार बनने की पहली सालगिरह मुबारक । आपके जलवे कायम रहे जिससे पराए तो दूर अपने भी बेहद प्रभावित हैं और हनी ट्रेप कांड की चाबी से आप 05साल तो क्या कई 05साल निकालोगे ! मगर जिल्ले इलाही पत्रकारों को किए वादे को निभाओ , प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लाओ और साबित कर दो कि मध्यप्रदेश का पत्रकार खौफजदा नही है । @ब कलम सैयद ख़ालिद कैस -8770806210

