@सैयद ख़ालिद कैस की कलम से ।
भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार की पत्रकार विरोधी दमनकारी नीतियों के विरोध में लघु एवं मध्यम समाचारपत्रों के संपादको स्वामियों ने जनसम्पर्क संचालनालय पर कल एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया । लगभग 200-250लोगों के इस प्रदर्शन का प्रातः काल से दोपहर तक व्यापक असर देखने को मिला , परंतु शाम होते होते धरने में मौजूद सरकार के बिठाए विभीषण अपना काम कर गये और अंत में हर बार की तरह यह धरना ही कुछ तथाकथित लोगों के षड्यंत्र का शिकार होकर खत्म होगया । परंतु क्रांतिकारी पत्रकार कृष्णानंद शास्त्री ने जो बग़ावत दिखाई उससे वास्तविक पत्रकारों को सहयोग मिला और उनकी घोषणा अनुसार शीघ्र ही एक व्यापक प्रदर्शन होगा जिसमें विभीषण नही बल्कि वास्तविक पत्रकार शामिल होंगे ।
मालूम हो कि विभिन्न पत्रकार संगठनो के संयुक्त मोर्चा ने एक जुट होकर जनसम्पर्क संचालनालय की पत्रकारों के हितो के विपरीत अपनाई जा रही नीतियों का खुलकर विरोध किया । लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों को गणतंत्र दिवस तक पर जनसंपर्क संचालनालय द्वारा विज्ञापन जारी नही किए जाने और नवीन नीतियों के कारण वंचित किए जाने का पुरज़ोर विरोध दर्ज कराया गया ।
कमलनाथ सरकार आने के बाद से लघु एवं मध्यम समाचारपत्र आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं । जनसम्पर्क संचालनालय द्वारा बनाई जा रही नीतियों के परिणामस्वरूप प्रकाशक विज्ञापन लेने से वंचित हो रहे हैं । ।
जनसम्पर्क संचालनालय के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे लघु और मध्यम समाचार पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशकों, सम्पादकों और पत्रकारों के धरना स्थल पर जनसंपर्क संचालनालय से कई वरिष्ठ आए पर पत्रकारों द्वारा मंत्री पीसी शर्मा से मिलने की मांग के कारण वार्ता असफल रही । दिन भर धरना दे रहे पत्रकारों को मंत्री शर्मा के आने का लालीपोप देकर उलझाए रखा गया । इस दरमियान तलाशे गये विभीषण पीछे के द्वार से सेटिंग करने में कामयाब हुए और अन्ततः धरना समाप्ति की घोषणा हो गई ।
कल के धरना प्रदर्शन का असर यह हुआ कि मप्र सरकार के जनसम्पर्क मंत्री पी.सी. शर्मा ने बड़ी चतुराई से पुनर्निरीक्षण प्रक्रिया को सरल कर तो दिया लेकिन केवल दैनिक समाचारपत्र के लिये । लघु एवं मध्यम समाचारपत्र के लिये कोई योजना या घोषणा नही की ।
मालूम हो कि मंत्री शर्मा ने विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला, संचालक ओपी श्रीवास्तव और विज्ञापन शाखा के अपर संचालक एच एल चौधरी को निर्देशित किया कि पुनर्निरीक्षण के समस्त दस्तावेज जिला मुख्यालय पर न जमा कराते हुये जनसम्पर्क संचालनालय में पूर्वानुसार प्रस्तुत करें, जिला स्तर पर बनी कमेटी की अनिवार्यता समाप्त कर प्रपत्र में भी सरलीकरण किया गया है।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्णानंद शास्त्री ने संगठन की और से प्रतिनिधित्व करते हुए कमलनाथ सरकार की पत्रकार विरोधी नीति की आलोचना की । तथा धरना स्थल पर मौजूद विभीषण देखकर पत्रकारो को उनकी मंशा से अवगत कराया और इस अवसर पर घोषणा की कि सरकार ने विभीषण भेज यह धरना तो निष्फल कर दिया है परन्तु वह शीघ्र ही नए धरने का आयोजन करेंगे और वह भी अनिश्चितकालीन ।
