NITIN DUBEY ✍️ 9630130003
कांग्रेस हाईकमान सिंधिया को हद पर लाना चाहते थे और सिंधिया अपनी हद से गुजर गए यानी पार्टी के विधायक और मंत्रियों को तोड़कर खुद की सरकार गिरा गए। इसके पीछे लोग कहते हैं कि सिंधिया परिवार गद्दार है और इनको राज करने की आदत है, संघर्ष कर नहीं सकते हैं। लेकिन इस पूरे मामले में मुझे जो एक्सक्लूसिव जानकारी पता चली है वह यह है कि पार्टी हाईकमान तो सिंधिया को चाहते थे, लेकिन रॉबर्ट वाड्रा कुछ कारणों से ज्योतिरादित्य सिंधिया को नापसंद करते थे। इसके पीछे कारण कुछ भी हो सकते हैं। दूसरी बात प्रदेश में राजा एक ही रहना चाहता है वो है दिग्विजय सिंह। सबसे बड़ी राजनीति यह थी कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के समय सिंधिया को अघोषित रूप से सीएम प्रोजेक्ट किया था। पार्टी की रणनीति थी कि अगर सिंधिया के नाम से मध्य प्रदेश में सरकार बनती है तो सिंधिया मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, फिर सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाने के लिए कहा गया लेकिन उस मामले को भी पार्टी हाईकमान ने लटका कर सिंधिया को जानबूझकर पीड़ित किया। पार्टी की मुख्य लाइन चाहती थी कि सिंधिया कांग्रेस को छोड़ दें। और यह भी कांग्रेस को पता था कि सिंधिया सरकार गिरा देंगे इस पूरे मामले में मुझे जो जानकारी है वो ये है कि सरकार तो उसी समय गिर जाती जब रात में सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मनाही कर दी गई उस समय भी सिंधिया समर्थक मंत्री और विधायक एकजुट हुए थे और जमकर बयानबाजी की, लेकिन मामला ठंडा हो गया। इस सरकार कि फाइनल पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी।
