दरअसल 1996 में राज्य सरकार ने आहातों की व्यवस्था इसी बात को ध्यान में रखकर की थी कि शराब पीने वाले एक सीमित दायरे में शराब पीयें और कानून व्यवस्था न बिगड़े।आबकारी विभाग की अनुमति से कई आहातों ने तो आज भव्य रुप ले लिया है और इनमें करोड़ो रु का इन्वेस्टमेंट किया जा चुका है।अब अगर सरकार इन्हे बंद करती है तो शराब दुकानदारं को आर्थिक क्षति भी होगी।ऐसे में अब सरकार आहातों को लेकर क्या निर्णय लेगी,यह देखने वाली बात होगी।
