पैरिस -अपने ही नागरिकों पर कथिततौर पर रासायनिक हमला करने की प्रतिक्रिया में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने सीरिया पर 100 से ज्यादा मिसाइल अटैक किए हैं। इसके बाद सीरिया संकट और भी गहरा गया है। एक तरफ फ्रांस ने दावा किया है कि सीरिया के रासायनिक हथियारों के जखीरे का ज्यादातर हिस्सा तबाह कर दिया गया है और उसने (सीरिया) सबक सीख लिया है। वहीं, इस कार्रवाई से रूस और ईरान तिलमिला गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। पुतिन ने इसे ‘आक्रामक कार्रवाई’ करार देते हुए कहा है कि इससे सीरिया में मानवीय संकट बढ़ जाएगा।
उधर, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमनेई ने कहा है कि सीरिया पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से किया गया हमला एक अपराध था और इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा। खमनेई ने ट्वीट कर कहा, ‘उन्हें इस हमले से कोई फायदा नहीं होगा, जैसा उनको पिछले कई वर्षों में इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में नहीं हुआ।’ खमनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति, फ्रांस के राष्ट्रपति और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को अपराधी बताया।
सीरिया पर मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी फ्रांस और यूके का शुक्रिया अदा किया है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा भी की, ‘मिशन पूरा हुआ
