नई दिल्ली/ अहमदाबाद -गुजरात में बीजेपी सरकार ने प्रदूषण कम करने और केरोसीन की काला बाजारी को रोकने के लिए प्रदेश को केरोसीन मुक्त बनाने की पहल की थी। इसका असर पार्टी को विधानसभा चुनावों में उठाना पड़ा। समुद्री तट से सटे इलाके वाले क्षेत्रों में बीजेपी की सीटें घटने की वजह है कि मछली पालन के व्यवसाय से जुड़े लोग ‘केरोसीन मुक्त’ गुजरात की पहल से नाराज थे।
नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल ने गुजरात के समुद्री क्षेत्रों में रेत-खनन पर रोक लगाई। इस रोक के कारण भवन निर्माण में लगने वाली सामग्री की कीमत काफी बढ़ गई और इस दिशा में बीजेपी सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक कोशिश नहीं हुई। इस वजह से बीजेपी के खिलाफ राज्य में थोड़ा नकारात्मक माहौल भी बना और पार्टी को इसका नुकसान कम सीट के तौर पर झेलना पड़ा।
