भोपाल । शिवराज सरकार पिछड़ों एवं दलितों के उत्थान के डंके पीट पीट कर खुद ही खुश होते फिरते हैं , परन्तु वास्तविकता में पिछड़े वर्ग वाले कितने पीड़ित हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की लोकसेवाओ के प्रदान करने की गारंटी अधिनियम 2010 का अनुविभागीय अधिकारी और उनके अधीनस्थ खुल्लम खुल्ला उल्लंघन कर लोगों को परेशान करते हैं । इसका जीता जागता प्रमाण आज कलेक्टर ऑफिस में एक विकलांग लड़की द्वारा अपने जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने पर रोते हुये देखनें पर सामने आया ।
क्या है मामला –
समीना अब्बासी पुत्री श्री एस ए अब्बासी (विकलांग ) निवासी -609 एन बी सेक्टर गोविंदपुरा भोपाल ने भिश्ती पिछड़ा वर्ग जाति का प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था जिसे 10/07/2018 को नजूल अधिकारी एमपी नगर ने यह टीप लगाकर निरस्त कर दिया कि राजस्व निरीक्षक के प्रतिवेदन से जाति की पुष्टि नहीं होती । जबकि प्रकरण में राजस्व निरीक्षक ने कोई जांच नहीं की , पंचनामा नहीं बनाया , कोई प्रतिवेदन नहीं बनाया ।
खबरें आजतक की इन्वेस्टिगेशन टीम ने एमपी नगर सर्किल में जाँच की तो पता चला कि सर्किल में पदस्थ संदीप बैरागी नामक व्यक्ति (जो किसी अन्य विभाग से प्रतिनियुक्ति पर यहाँ पदस्थ है ) जाति प्रमाण पत्र शाखा में महत्ती भूमिका निभाता है । उसके द्वारा ही जाति प्रमाण पत्र के प्रकरण राजस्व निरीक्षक को भेजें जाते हैं ।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक़ जिन प्रकरणों में संदीप बैरागी को रकम मिलती है उन्हीं प्रकरणों में राजस्व निरीक्षक की समय पर रिपोर्ट लगती है , जिन प्रकरणों में कुछ नहीं मिलता उनका हाल विकलांग लड़की समीना अब्बासी की तरह होता है अर्थात राजस्व निरीक्षक की बिना रिपोर्ट के प्रकरण निरस्त !
यहाँ गौरतलब यह भी है कि इस विकलांग लड़की समीना अब्बासी द्वारा इससे पूर्व भी अप्रैल 2018 में जाति का आवेदन जमा किया था उसको भी यही कारण दर्शाकर निरस्त किया गया था । जबकि उसके द्वारा समस्त दस्तावेज प्रस्तुत किये थे ।
खबरें आजतक की टीम द्वारा जब सघनता से पता किया तो संदीप बैरागी के एमपी नगर सर्किल में आने के बाद से अधिकतर प्रकरण निरस्त हो रहे हैं , जिनमें सेवा शुल्क मिलता है उनका ही बेड़ा पार होता है । इसमें तहसीलदार और एसडीएम की कार्यप्रणाली भी शक के दायरे में आती है ।
बहरहाल पीड़ित विकलांग लड़की (जिसके पिता भी विकलांग हैं ) ने अपर कलेक्टर को अपील करने का मन बनाया है । लेकिन क्या ? यह उचित है !
आज भी भ्रष्टाचर का दानव निकम्मे अधिकारियों की चिरनिद्रा के कारण विकराल रूप धारण कर दबे कुचलों को निरंतर कुचल रहा है । प्रकरण से सम्बन्धित दस्तावेज़ https://www.khabrenaajtak.comउपलब्ध हैं ।
