नई दिल्ली: मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी दल अविश्वास प्रस्ताव लाने में सफल होगी या नहीं यह बड़ा सवाल बना हुआ है? आज भी लोकसभा में तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी), वाईएसआर कांग्रेस और एआईएडीएमके के सांसदों के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. इससे पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी. हालांकि सरकार का कहना है कि वह अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार है.
इस बीच वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि अविश्वास प्रस्ताव को रोकने के लिए एआईएडीएमके के सांसद जानबूझकर कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं.
अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार की सहयोगी शिवसेना ने कहा है कि वह अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के समय अनुपस्थित रहेगी. साफ है कि शिवसेना न तो सरकार का और न ही विपक्ष का साथ देने के मूड में है.
वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में पेश करना चाहती है. दोनों दलों को कांग्रेस, टीएमसी, आरजेडी, एनसीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वामदल समेत अन्य पार्टियों ने साथ देने का वादा किया है.
मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में पहली बार है जब विपक्षी दल अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहती है. आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर एनडीए से अलग हुई टीडीपी के लोकसभा में 16 सांसद हैं जबकि वाईएसआर कांग्रेस के 9 सांसद हैं.
आपको बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा में बैंकिंग धोखाधड़ी और आंध्र प्रदेश को विशेष आर्थिक दर्जा दिलाने की मांग जैसे मुद्दों को लेकर पिछले 11 दिनों से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. हालांकि सरकार सदन में बजट के अलावा कुछ और विधेयकों को पारित करवाने में कामयाब रही है.
