खेमराज चौरसिया -विशेष सम्वाददाता मप्र /छग
छतरपुर। छतरपुर में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मांग को लेकर सक्रिय मेडिकल संघर्ष मोर्चा ने 20 मार्च से छत्रसाल चौक पर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन करने का निश्चय किया है। मोर्च की कल रात बस स्टैण्ड स्थित कल्याण धर्मशाला में हुई बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन को सतत चलाने का निर्णय लिया गया।
मोर्च की बैठक में पूर्व विधायक जेपी निगम, डॉ. सुभाष चौबे, डॉ. एसके दीक्षित, श्याम किशोर अग्रवाल, सुरेन्द्र अग्रवाल, हरिप्रकाश अग्रवाल, आनंद शुक्ला, सुरेश बाबू खरे, शंकरलाल सोनी के अलावा शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे। बैठक में तय किया गया कि जब तक छतरपुर में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा नहीं की जाती तब तक 20 मार्च को दोपहर 12 बजे से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन किया जाएगा। यह क्रमिक अनशन छत्रसाल चौक पर रोजाना शाम 5 बजे तक चलेगा। क्रमिक अनशन के साथ ही मेडिकल कॉलेज आंदोलन से आम नागरिकों को जोडऩे के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर चरणवद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाए। इस आंदोलन में सभी की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मोर्चे से जुड़े लोगों में जागरूकता लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने खजुराहो, दमोह और सतना संसदीय क्षेत्र में से किसी एक स्थान पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा बजट में की थी। मेडिकल कॉलेज के लिए भारत सरकार द्वारा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, 300 बिस्तर का अस्पताल और पर्याप्त भूमि के मापदंड निर्धारित किए गए हैं। छतरपुर जिला इन सभी मापदंडों पर खरा उतर रहा है। इतना ही नहीं छतरपुर के जिला अस्पताल मेंं छतरपुर जिले के अलावा पड़ोसी जिले पन्ना, टीकमगढ़ तथा सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के महोबा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर आदि के मरीज इलाज के लिए आते हैं। छतरपुर के आस-पास डेढ़ सौ किमी से पहले कोई भी मेडिकल कॉलेज नहीं है। जिससे गंभीर मरीजों को रिफर करने पर वे बीच रास्ते में ही असमय मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। इसलिए छतरपुर में मेडिकल कॉलेज केवल मांग नहीं क्षेत्र के मरीजों की सबसे बड़ी जरूरत है।
