खेमराज चौरसिया विशेष प्रतिनिधि (मप्र /छग )
छतरपुर। 13 साल की किशोर के साथ मध्य रात्रि में घर में घुसकर छेड़छाड़ करने के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देकर तीन साल की सजा के साथ दो हजार रुपए के जुर्माना की सजा दी।
एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि 13-14 फरवरी 2015 की मध्य रात्रि 12 बजे करीब 13 साल की किशोरी अपने मकान के अंदर सो रही थी। उसके माता पिता दिल्ली गए हुए थे। सोते समय नैगुवां गांव का रहने वाला कल्लू कुशवाहा पीड़िता के बगल मे आकर लेट गया और पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करने लगा। छेड़छाड़ से पीड़ित की नींद खुल गई और उसने आरोपी के चंगुल से खुद को छुड़ाकर लाईट जलाकर देखा कि कल्लू कुशवाहा उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा था। पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी कल्लू दीवार फांदकर भाग निकला। शिकायत करने पर थाना नौगांव में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और पुलिस ने कल्लू को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया।
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा की कोर्ट ने सुनाई सजा-
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विश्वनाथ नायक ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूत एवं गवाह कोर्ट के सामने पेश किए। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी कल्लू को नाबालिक से छेड़छाड़ करने के आरोप का दोषी ठहराया। कोर्ट ने लैंगिग अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम की धारा 8 में 3 तीन साल की कैद के साथ एक हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। साथ रात्रि में घर में घुसने पर आईपीसी की धारा 457 में दो साल की कैद के साथ एक हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई।
