हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को निर्देश दिया कि बिना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस या जिला जज की अनुमति के बिना हड़ताल नही होगी
दरअसल, अधिवक्ता प्रवीण पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी और यह दलील दी थी कि हड़ताल से पक्षकारों को परेशानी होती है और मामले लंबित हो जाते हैं.
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते कई बार न्यायिक मामले प्रभावित होते हैं. अभी हाल ही में एडवोकेट प्रॉटेक्शन एक्ट लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदेश भर के अधिवक्ता हड़ताल कर रहे थे. इसके बाद हाईकोर्ट ने इस हड़ताल को असंवैधानिक करार दिया था।
