भोपाल।मध्यप्रदेश की पिछली भाजपा सरकार में पनपा विष कन्याओं का आतंक जब अपनी सीमाएं लांघने लगा था तब कमलनाथ ने उस आतंक पर नकेल कसते हुए विष कन्याओं को कुचल और आज वह जेल की हवा खा रही हैं।अजी जनाब चोंकिये मत हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले की।जिसमे शामिल स्वप्न सुंदरियों ने किस प्रकार भाजपा सरकार के रहते 15 साल तक अपने रूपजाल का उपयोग कर मंत्री, सन्त्री से लेकर नोकरशाहो, सफेदपोश अपराधियो सहित राजनेताओं को अपने मोहपाश में फंसा कर चाँदी कूटी थी।
गौरतलब हो कि कमलनाथ सरकार के अस्तित्व में आते ही एक वरिष्ठ नोकर शाह की रंगरेलियों की वीडियो वायरल होने के बाद सरकार की सक्रियता से यह बहुचर्चित हनीट्रैप काण्ड उजागर हुआ था और उसके उजागर होने से सत्ता और सियायत के कई बड़े चेहरे और मोहरे कमलनाथ की राडार पर आगये थे। उस काण्ड में जिस प्रकार कमलनाथ सरकार ने तेज़ी दिखाई थी उससे भाजपा नेताओ सहित कई सफेद पोशों की नींदे हराम हो गई थी।कमलनाथ सरकार को गिराकर सत्ता हथियाने वाली शिवराज सरकार इस वक़्त उपचुनाव में ज़ोर आज़माइश में लगी है और उसी समय बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद विशेष जांच दल एवं आयकर विभाग के बीच समन्वय का सिलसिला शुरू हो गया l हनीट्रैप की सरगना श्वेता जैन और आरती दयाल की डायरी ने कई राज उगले हैं l डायरी में बुंदेलखंड के कई राजनेताओं के संबंधों का हवाला मिला है l एसआईटी ने अपनी कार्रवाई के दौरान बरामद हुए साक्ष्यों की पहली खेप आयकर महकमे के हवाले कर दी है l इसमें ब्लैकमेलिंग कर वसूला गया काला धन और बैंकों से हुई लेनदेन का ब्योरा भी शामिल बताया जाता है l आयकर विभाग की याचिका के संदर्भ में हाई कोर्ट ने बीते माह 20 दिन के भीतर दस्तावेज सौंपने का आदेश दिया था l इसके बाद एसआईटी की ओर से यह पहल की गई है l हनीट्रैप की जांच कर रही एसआईटी ने हाल ही में वित्तीय लेन देन से जुड़े कुछ साक्ष्य सोप दिए हैं l इन साक्ष्यों में ऑडियो वीडियो क्लिप और अन्य डिजिटल साक्ष्य हैं कि नहीं इसकी पुष्टि नहीं हुई है l पर इस पूरी गहमागहमी का असर आने वाले उपचुनाव पर होना स्वाभाविक है।यह बात और है कि बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में शामिल सफ़ेदपोश इस वक़्त चुनाव की बिसात से दूर हैं और कॉंग्रेस से भागकर भाजपा का दामन थामने वाले दागी अपना भाग्य आज़मा रहे हैं ,मगर वह सफ़ेद पोश इन दागियों के समर्थन में जो चुनावी रैलियों, सभाएं कर रहे हैं एसआईटी और आयकर विभाग की इस कारगुज़ारी से उनके मुंह काले होने और उनके काले करतूत उजागर होने की प्रबल संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।

