26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पूर्ण रूप से पूरे भारत मे लागू किया गया और भारत एक गणतंत्र देश बन गया। इस गणतंत्र देश के संविधान निर्माता का पूरा नाम है बाबासाहेब डा भीमराव रामजी आम्बेडकर, जो संविधान प्रारूप समिति के चेयरमैन थे।
भारतीय संविधान का निर्माण
संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 को कैबिनेट मिशन के आधार पर हुआ।
- संविधान सभा की
पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष मे आयोजित की गई थी। - .डॅा . सच्चिदानंद सिन्हा को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष के रुप मे चुना गया था।
- संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष के रुप मे 11दिसंबर 1946 को डॅा राजेंद्र प्रसाद को चुना गया ।
- .संविधान सभा के उपाध्यक्ष के रुप में एच . सी. मुखर्जी एवं विधिक सलाहकार के रुप में न्यायाधीश वी. एन.राव को चुना गया था।
- संविधान सभा में हैदराबाद रियासत के प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए थे।
- .22 जनवरी 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव पारित कर दिया गया तथा संविधान निर्माण के लिए विभिन्न समितियों की नियुक्ति हुई।
- .प्रारूप समिति संविधान सभा की सभी समितियों में सबसे महत्वपूर्ण समिति थी , जिसने मुख्य संविधान का निर्माण किया।
- प्रारूप समिति के सात सदस्य थे –
1 . डॅा० बी. आर. अंबेडकर
( अध्यक्ष ) ,
2. एन.गोपालास्वामी आयंगर,
3.अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर ,
4. डॅा० के .एम. मुंशी,
5 . सय्यैद मोहम्मद सादुल्ला ,
6. बी .एल. मित्र ( इनका स्थान एन. माधवराव ने लिया ) ,
7 . डी . पी .खेताान ( इनका स्थान टी .टी कृष्णामाचारी ने लिया )
.संविधान को अंतिम रुप से पारित करते समय संविधान सभा के 284 सदस्य उपस्थित थे , जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए।
संविधान की स्वीकृति 26 नवंबर 1949 को हुई
जिसके बाद कुछ अनुच्छेद तुरंत लागू कर दिए गए जैसे – नागरिकता , निर्वाचन , अंतरिम संसद से संबंधित उपबंध तथा अस्थायी एवं संक्रमणीय उपबंध आदि।
.संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को सम्पन्न हुई ।
26 जनवरी 1950 को संविधान पूर्ण रुप से लागू कर दिया गया।
.संविधान निर्माण के लिए लगभग 60 देशों के संविधान का अध्ययन किया गया ।
सम्पूर्ण संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11महिने एवं 18 दिन का समय लगा ।
.भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अंतिम प्रारूप 22 जुलाई 1947 को स्वीकार किया गया। तिरंगे की लंबाई एवं चौड़ाई का अनुपात
3 : 2 है ।
.संविधान में पहला संशोधन 1951 में किया गया ।
लोकसभा में सदस्यों की संख्या
525 से 545 संविधान के 31वॅा संशोधन
(1973 ) द्वारा किया गया ।
. 44 वें संविधान संशोधन – 1978 द्वारा
सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकार से
हटाकर केवल कानूनी या विधिक
अधिकार किया गया।
मतदाताओं की आयु सीमा 21 से घटाकर 18
संविधान के 61वें संशोधन – 1988 में
की गई।
86 वॅा संविधान संशोधन – 2002 द्वारा शिक्षा के अधिकार को मूल अधिकार में शामिल किया गया ।
- नीति निर्देशक तत्वों का वर्णन संविधान के भाग 4 में अनुच्छेद 36 से 51 तक है।
नीति निर्देशक तत्व संविधान में शामिल करने की सिफारिश तेजबहादुर सप्रू समिति द्वारा की गई थी ।
भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब को आज पूरे विश्व मे “सेम्बल ऑफ नॉलेज” के नाम से जाना जाता है। इतना ही नही पूरा संसार लिखित भारतीय संविधान की तारीफ़ करता है।
नेल्सन मण्डेला जब भारत आये थे तो उन्होंने कहा था कि अगर भारत से कोई चीज ले जाने लायक है,तो वह है भारत का संविधान।
जब भारतीय संविधान के 50 बर्ष पूरे हुए तो लन्दन मे एक कार्यक्रम रखा गया, जिसमे पूरे विश्व के मुख्य न्यायधिशो को आमंत्रित किया गया और भारतीय संविधान के 50 बर्ष पूरे होने की ख़ुशी मनाई गयी।
