जबलपुर –राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस की जिले के सभी जगहों पर बड़ी ही धूम रही लेकिन मझोली तहसील की लमकना संकुल जो की लगभग 53 शालाओं का संकुल केंद्र है उसमें गड़तन्त्र दिवस के सुभ अवसर पर हाई स्कूल में अतिथियों और विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों और मसाहबो के बीच झड़प हो गई ग्रामीणों ने शिक्षकों पर आरोप लगायें है की शाला प्रबंधन द्वारा न तो छात्रों के कार्यक्रम के लिए स्टेज तैयार किया था न ही ग्रामीणों के लिए इस कार्यक्रम में बैठने की उचित व्यवस्था ऐसे में ग्रामीणों का आक्रोश शिक्षकों पर टूट पड़ा काफी देर तक इन मुद्दों पर बहस छिड़ी रही लेकिन शाला प्रबंधन अपनी व्यवस्थायें सुधारने आगे नहीँ आया
कक्ष से बाहर नहीँ निकलीं प्रिंसिपल
वहीँ ग्रामीणों की मानें तो शाला की प्रिंसिपल मधु मल्होत्रा से गणतंत्र दिवस की इन अव्यवस्थाओं पर जब लोगों ने बात करनी चाही तो शाला की प्रिंसिपल कक्ष के बाहर तक नहीँ निकली लोग चिल्लाते रहे उसके बाद किसी तरह कार्यक्रम पूरा हुआ वहीँ ग्रामीणों ने प्रिंसिपल पर आरोप लगाते हुए बताया की मेडम हफ्ते में तीन दिन ही स्कूल आतीं है बाकी दिन यही बताया जाता है की मेडम जबलपुर मीटिंग में गईं ऐसे में सवाल उठता है की शिक्षा विभाग की इतनी भर्राशाही पर उच्च अधिकारियों की नजर आज तक क्यों नहीँ गई या इन अधिकारियों की मिलिभगत का नतीजा है जो स्कूल प्रिंसिपल व शिक्षक विष्णु पटैल अपनी मनमर्जी से शाला को चला रहे है
संकुल केंद्र की ये हालत बाकी स्कूलों की क्या होगी
वहीँ ग्रामीणों ने कि चिंता जाहिर की है की जब 53 स्कूलों के संकुल केंद्र की स्तिथि इतनी खराब है तो इसके अंडर में आने वाले अन्य स्कूलों की स्तिथि क्या होगी सरकार कह रही है बच्चों को शाला भेजो ऐसे में हम अपने बच्चों का भविष्य किस तरह सुरक्षित समझें
