भोपाल- 16 राज्यों में राज्यसभा की 58 सीटों के लिए चुनाव की तारीख के ऐलान के साथ ही राजनैतिक दलों के भीतर राज्यसभा सदस्यों को लेकर खिंचतान तेज हो गई है। उत्तरप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा के खाते में सीटें बढ़ना तय है, मध्यप्रदेश में भी 05 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल आगामी 02 अप्रेल को समाप्त हो रहा है, ऐसे में 23 मार्च को राज्यसभा के होने वाले चुनाव में मध्यप्रदेश से 05 सीटों पर चुनाव होना है। मध्यप्रदेश के वर्तमान विधानसभा सदस्यों के गुणा भाग के हिसाब से 05 में से 04 सीटें भाजपा के खाते में तथा 01 सीट कांग्रेस के खाते में आयेगी।
भाजपा एक और जहां अल्पसंख्यक वोटरों को रिझाने के लिए नित नये नये फार्मुलें अपना रही है वहीं वर्षो से कांग्रेस का वोट बैंक कहलाने वाला अल्पसंख्यक वर्ग निरंतर हताशा का सामना कर रहा है। भाजपा ने जहां एक और मध्यप्रदेश के कोटे से वरिष्ठ पत्रकार एम.जे.अकबर को ना सिर्फ राज्यसभा में भेजा वरन विदेश मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग देकर यह जताने का प्रयास किसा है कि वह ही अल्पसंख्यक हितैषी है वहीं दूसरी और नजमा हैपतुल्ला को भी मध्यप्रदेश कोटे से राज्यसभा में भेजना भी भाजपा का अपने आपको अल्पसंख्यक हितैषी साबित करना है। निसंदेह भाजपा अपने इस प्रयास में सफल होकर अल्पसंख्यक वर्ग में अपनी गहरी पैठ बनाने में कामयाब हुई है । यही कारण है कि आज मध्यप्रदेश में मदरसा बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग, वक्फ बोर्ड जैसी संस्थाओं में उसके द्वारा बनाये गये अल्पसंख्यक विशेषकर मुस्लिम नेता आज लूप लाईन से चर्चित चेहरों में गिने जाने लगे है। यह बात और है पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के पास कोई मुस्लिम चेहरा नहीं था जिसके कारण वह किसी भी सीट पर कामयाब नहीं हो सकी।
कांग्रेस का पेटेन्ट वोट कहलाने वाला अल्पसंख्यक वर्ग विगत कई वर्षो से उपेक्षित है। पिछले 25 वर्षो में मध्यप्रदेश से राज्यसभा में कोई अल्पसंख्यक विशेषकर मुस्लिम नेता नहीं पहुॅचा है, विधानसभा में भी एकमात्र मुस्लिम कांग्रेस विधायक भोपाल उत्तर से है।
इस राज्यसभा चुनाव में 05 में से 04 बीजेपी के खाते में जाने के बाद शेष 01 सीट पर यदि कांग्रेस किसी अल्पसंख्यक विशेषकर मुस्लिम नेता को भेजती है, तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसके अच्छे परिणाम देखें जा सकते है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कल सिंगांपुर यात्रा से स्वदेश लौट रहै है वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय भैया राहुल दिल्ली कूच करेंगें। कल रात तक मध्यप्रदेश की 01 सीट पर नाम फायनल होगा । मध्यप्रदेश के कांग्रेस अल्पसंख्यक नेता कांग्रेस मुख्यालय पर इस आशा से डेरा डाले हुए है कि उनकी मन्नत पूरी ही होगी।उन्हें विश्वास है कि राहुल गांधी मध्यप्रदेश से राज्यसभा में किसी अल्पसंख्यक नेता को भेज कर भाजपा के अल्पसंख्यक प्रेम पर प्रहार करेंगें।
वहीॅं दूसरी और विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश कांग्रेस इस सीट पर किसी पिछडा वर्ग नेता को तरजीह देने का मन बना चुकी है। यदि इस बार राज्यसभा में मध्यप्रदेश से किसी मुस्लिम नेता को कांग्रेस भेजने में कोताही करती है तो आने वाले विधानसभा चुनाव 2018 में निःसंदेह उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सरोज जोशी –प्रबंध सम्पादक खबरें आजतक
