@सैयद ख़ालिद कैस -8770806210
भोपाल । देश के इतिहास में शायद यह पहली बार है जब जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधि से नही वरन केंद्र सरकार के कारण खौफ का माहोल गर्म है । मोदी सरकार के ताज़े रुख से यह साबित हो रहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा कुछ होने वाला है जो आपातकाल में भी नही हुआ होगा । जिस प्रकार मीडिया के माध्यम से यह प्रचारित कराया जा रहा कि घाटी में हिंदू खतरे में हैँ । यह छद्म वातावरण गृह युद्ध की आशंका की और अंगीकृत कर रहा है । केंद्र सरकार के गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी कुछ ऐसा करना चाह्ते हैँ जो देश की दिशा और दशा दोनों के लिए महत्त्वपूर्ण होगा । जम्मू-कश्मीर में गतिविधियां जारी हैं। पूरा देश एकटक जम्मू-कश्मीर की तरफ देख रहा है। श्रीनगर और जम्मू में धारा 144 लागू हो चुकी है।
यह पहला मौका है जब घाटी में मोबाइल, इंटरनेट सेवाओं के साथ लैंडलाइन सर्विस को भी बंद कर दिया गया है। करगिल युद्ध के दौरान भी लैंडलाइन सर्विस को नहीं बंद किया गया था। महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला नजरबंद कर लिया गया है।
आम लोगों को घरों में रहने को कहा गया है
श्रीनगर और जम्मू में सुरक्षा के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है। आम लोगों को बाहर ना निकलने के लिए कहा गया है। लोगों के ग्रुप में एक साथ बाहर निकलने पर भी रोक लग गई है। पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है। पहले सिर्फ मोबाइल सेवा रोकी गई और उसके बाद में लैंडलाइन सर्विस भी रोक दी गई है। ऐसे में सुरक्षाबलों को अब सैटेलाइट फोन दिए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति को संभाला जा सके।
स्कूल-कॉलेज बंद, परीक्षाएं स्थगित
सिर्फ जम्मू में ही CRPF की 40 कंपनियों को तैनात किया गया है। इससे पहले कश्मीर में ही हजारों की संख्या में अतिरिक्त सुरक्षाबल पहले से ही तैनात किए जा चुके थे। जम्मू-कश्मीर के सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। 5 अगस्त को यूनिवर्सिटियों में होने वाली परीक्षा को भी अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया है।
महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला नजरबंद
जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ-साथ राजनीतिक हलचल भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में सरकार कश्मीर पर क्या बड़ा फैसला ले सकती है, इसपर भी हर किसी की नज़र है। कश्मीर में लगातार बदलते हालात के बीच राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और एनसी नेता उमर अब्दुल्ला को श्रीनगर में नजरबंद किया गया है।
ईश्वर आप सभी के साथ रहें
नजरबंद होने के बाद उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया कि हिंसा से केवल उन लोगों के हाथों में खेलेंगे जो राज्य की भलाई नहीं चाहते। शांति के साथ रहें और ईश्वर आप सभी के साथ रहें।
अल्लाह जाने क्या होगा
वहीं नजरबंद होने से पहले भी दोनों नेताओं ने कई ट्वीट किए। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सुनने में आ रहा है कि जल्द ही इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया जाएगा। कर्फ्यू पास भी जारी किए जा रहे हैं। अल्लाह जाने क्या होगा। यह एक लंबी रात होने जा रही है।
