- इंदौर: 25 जून गुरुवार ।
इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार के, के झा साथ साथ मध्य प्रदेश के 500 से अधिक लोग भारत सरकार द्वारा कोरोना महामारी के कारण अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा बंद किये जाने के कारण पिछले चार महीने से दोहा में हैं और अपने प्रदेश नहीं आ पा रहे हैं।
झा ने इस सन्दर्भ में पिछले तीन महीनों में अनेकों बार प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ साथ स्थानीय जन प्रतिनिधि, सांसद, केंद्रीय मंत्रियों को अपनी व्यथा बताते हुए दोहा से इंदौर वापस आने के लिए अनुरोध किया है पर उनकी बातों ना तो जनप्रतिनिधियों और ना ही प्रदेश शासन द्वारा अबतक कोई संज्ञान लिया गया है।
श्री झा अपने परिवार के साथ 26 फ़रवरी को इंदौर से दोहा गए थे। 14 मार्च 2020 को उनका मुंबई होते हुए इंदौर वापसी का टिकट इंडिगो एयरलाइन्स में था, पर मार्च के पहले सप्ताह में भारत में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण क़तर सरकार द्वारा 10 मार्च के आसपास भारत से सभी आने वाले विमानों पर प्रतिबन्ध लगा दिया, जिसके कारण उनके वापसी का फ्लाइट निरस्त कर दिया गया। श्री झा ने इसकी जानकारी अपने ट्विटर अकाउंट से दिनांक 9, 11 एवं 15 मार्च को स्थानीय सांसद शंकर लालवानी के साथ साथ प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ, नगरीय विमानन मंत्री हरदीपसिंह पूरी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, विदेश मंत्री एस जयशंकर एवं अन्य संबंधितों को दी तथा उनसे उन्हें परिवार सहित दोहा से इंदौर भेजने की व्यवस्था करने के लिए अनुरोध किया। पर उनके ट्वीट का कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
इस बीच जब इंदौर प्रेस क्लब को के के झा एवं उनके परिवार का दोहा होने की बात का पता चला तो इंदौर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने स्थानीय सांसद शंकर लालवानी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय से मिलकर श्री झा एवं उनके परिवार दोहा से इंदौर लाने हेतु अनुरोध किया।
श्री लालवानी ने संज्ञान लेते हुए श्री झा एवं उनके परिवार के वापसी के सन्दर्भ में केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से 15 – 16 मार्च को मिले।
केंद्रीय मंत्रियों से बात करने के पश्चात श्री लालवानी ने इंदौर प्रेस क्लब के माध्यम से श्री झा को सन्देश पहुँचाया कि वो किसी भी फ्लाइट से भारत यथाशीघ्र आ जाएं क्योंकि बहुत जल्द अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा पर प्रतिबन्ध लगने वाला है । तदनुसार 21 मार्च को श्री झा को ओमान एयरवेज में दोहा से मस्कट होते हुए दिल्ली का टिकट मिला पर इस बीच भारत सरकार द्वारा 18 मार्च 2020 से सभी अंतर्राष्ट्रीय विमानों के भारत आवागमन पर प्रतिबन्ध लगने के कारण एक बार फिर श्री झा की फ्लाइट निरस्त हो गई और तबसे वो दोहा में ही अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।
इस बीच श्री झा ने ईमेल के द्वारा दोहा में भारतीय दूतावास के अधिकारियों को अपनी स्थिति के बारे में सूचित किया पर भारतीय दूतावास द्वारा उनके मेल का कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जब श्री झा को पता लगा कि वर्तमान मध्य प्रदेश सरकार देश के दूसरे प्रदेशों में लॉक डॉन के फंसे नागरिकों को लाने की व्यवस्था की रही है तो उन्होंने मध्य प्रदेश के तत्कालीन कोरोना कोऑर्डिनेटर एवं वर्तमान में प्रमुख सचिव, ऊर्जा, मध्यप्रदेश शासन श्री संजय दुबे से संपर्क कर उनसे कहा क़ि क्या राज्य सरकार विदेश में फंसे अपने नागरिकों को भी लाने के लिए प्रयास कर रही है ? तो श्री दुबे ने व्हाट्सअप पर श्री झा को सूचित किया कि इस सन्दर्भ में फिलहाल तो कोई निर्णय नहीं लिया गया है पर राज्य सरकार इस सन्दर्भ में केंद्र से बात करेगी और यदि को निर्णय होता है तो उन्हें सूचित किया जाएगा।
इस बीच झा ने ट्वीट के माध्यम से 22 मार्च , 8, 30 मई तथा 9 एवं 23 जून 2020 पुनः वर्तमान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, स्थानीय सांसद शंकर लालवानी, भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, नवनियुक्त राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, रमेश मेंदोला एवं इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट को एक बार पुनः याद दिलाते हुए उन्हें दोहा से इंदौर लाने का आग्रह किया पर उनके उस ट्वीट का भी किसी के द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
श्री झा ने कहा कि वो भारतीय दूतावास में भी भारत सरकार के वन्दे मातरम् अभियान के अंतर्गत दोहा से इंदौर आने के लिए क़तर के भारतीय दूतावास में अपना एवं अपने परिवार का रजिस्ट्रेशन करबा चुके हैं पर दोहा से इंदौर जाने के लिए उन्हें कोई सुचना नहीं प्राप्त हुआ है जबकि वंदे मातरम् अभियान के तहत 5000 से अधिक लोग दोहा से भारत के विभिन्न प्रदेशों विशेष रूप से केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, लखनऊ एवं बिहार जा चुके हैं और अभी 35000 से अधिक लोग दोहा से विभिन्न प्रदेशों में जाने के लिए प्रतीक्षारत हैं।
श्री झा को प्राप्त सुचना के अनुसार दोहा में मध्य प्रदेश के लगभग 500 से हजार लोग दोहा से अपने प्रदेश आने के लिए प्रतीक्षारत हैं।
उनकी सुचना के अनुसार उनके अलावा इंदौर का एक और परिवार अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा पर प्रतिबन्ध के कारण दोहा से इंदौर नहीं आ पा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कुछ सदस्य शुगर, ब्लड प्रेशर एवं किडनी की बिमारी से ग्रस्त हैं. उनकी सारी दवाइयां जो उन्होंने भारत से लायी थी वो खत्म हो चुकी है और यहाँ दोहा में उन्हें भारतीय दवाइयॉं नहीं मिल पा रही है, फलस्वरूप मजबूरी वश उनके दवाइयों से मिलती जुलती दवाइयां यहाँ लेनी पर रही है है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को खतरा उत्पन हो सकता है।
